नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को अब उपार्जित अवकाश (अर्न लीव) का नकद भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में तैनात हजारों कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के बाद अर्न लीव का पैसा मिलेगा। अभी तक नगर निकाय कर्मचारियों को अर्न लीव का पैसा नहीं मिलता था।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने नगर निकायों में कार्यरत सेंट्रलाइज्ड (केंद्रीकृत) और नॉन सेंट्रलाइज्ड (अकेंद्रीकृत) सेवा के कर्मचारियों को 300 दिन का उपार्जित अवकाश का भुगतान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में 91 नगर निकाय हैं। इन निकायों में सेंट्रलाइज्ड और नॉन सेंट्रलाइज्ड सेवा के कर्मचारी कार्यरत है।
सेंट्रलाइज्ड सेवा के कर्मचारियों का प्रदेश के किसी भी निकाय में तबादला किया जा रहा है। जबकि नॉन सेंट्रलाइल्ड सेवा के कर्मचारियों को निकाय अपनी जरूरतों के अनुसार तैनात करती है। इन कर्मचारियों का तबादला नहीं किया जाता है।
राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की तर्ज पर सरकार ने नगर निकाय कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्त होने या मृत्यु होने पर आश्रितों को उपार्जित अवकाश का नकद भुगतान सुविधा मंजूर कर दी है।
300 दिन तक जमा होगी अर्न लीव
कर्मचारी सालाना मिलने वाली अर्न लीव का इस्तेमाल नहीं करता है तो वह 300 दिन तक जमा होती रहेगी। इसके बाद अर्न लीव न लेने पर लैस हो जाएगी। सेवानिवृत्त होने के बाद 300 दिनों की अर्न लीव का सरकार की ओर से नकद भुगतान किया जाएगा।
इनसेट
नगर निगम - 8
नगर पालिका - 41
नगर पंचायत - 42