मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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कांग्रेस विधायक दल के उपनेता करन माहरा और पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने पांच दिन के बजट सत्र को प्रदेश के लोगों के साथ मजाक करार दिया है। कांग्रेस भवन में सोमवार को मीडिया से मुखातिब माहरा ने कहा कि बजट सत्र कम से कम 15 दिन का होना चाहिए। पांच दिन के सत्र में कोई भी विधायक अपनी विधानसभा की समस्याओं को सदन में उठा ही नहीं पाएगा।
बेरोजगारी से लेकर अन्य कई मुद्दे हैं जिन पर सरकार से जवाब मांगा जाना है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के सामने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने भी मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी सत्र मात्र एक दिन के लिए ही बढ़ाया गया। अब प्रदेश के सभी विधायकों से आग्रह किया जाएगा कि वे सरकार पर सत्र को कम से कम 15 दिन के लिए आयोजित करने के लिए दबाव बनाएं।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने कहा कि 25 और 26 फरवरी को जिलाधिकारियों के जरिए सत्र का समय बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन भेजे जाएंगे। इसके बाद सभी विधायकों से मिल कर कहा जाएगा कि वे सरकार पर दबाव बनाएं। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो तीन फरवरी से गैरसैंण में बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार सत्र बढ़ाने की घोषणा नहीं करती।
नेता प्रतिपक्ष से भी बात की
प्रकाश जोशी के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से भी इस मामले में बात की गई है। करन माहरा ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल से भी कहा गया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस मामले को उठाएं।
सोमवार को भी हो सत्र
माहरा ने कहा कि पिछले तीन साल से केवल एक सोमवार को ही सत्र हुआ। सोमवार का दिन मुख्यमंत्री का है और इस दिन विधायक सीएम के विभागों से संबंधित सवाल सदन में उठा सकते हैं। सत्र ही आयोजित न होने से सीएम के विभागों से संबंधित सवालों के जवाब विधायकों को मिल ही नहीं पा रहे हैं।