राजधानी में शुक्रवार को तड़के शुरू हुई बारिश लगातार बारह घंटे तक होती रही। इससे शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश के चलते जहां राजधानी के बड़े प्रमुख चौराहों दिलाराम चौक, सर्वे चौक, घंटाघर, महाराजा अग्रसेन चौक, कारगी चौक, बुद्धा चौक पर जबरदस्त जलभराव हो गया। वहीं, कई इलाकों में स्थित नालों में उफान आ जाने से भारी मुसीबत खड़ी हो गई।
बारिश से दिन के समय राजधानी के प्रमुख चौराहों पर जलभराव होने से यातायात जाम हो गया। चौराहों से गुजर रहे लोगों को भी परेशानियां झेलनी पड़ीं। यातायात बहाल कराने को लेकर पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी ओर विकासनगर, साहिया, चकराता, मसूरी, समेत कई इलाकों में दर्जनभर सड़कें टूट गई हैं। इन सड़कों पर यातायात बंद हो गया, जिसके चलते लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
बारिश से जलभराव, डेंगू का खतरा बढ़ा
हरिद्वार जनपद में रैपिड जांच में सात डेंगू के मरीज मिलने के बाद शुक्रवार को हुई बरसात का पानी जगह-जगह भरा होेने से डेेंगू का मच्छर पैदा कर परेशानी बन सकता है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से बरसात के पानी को जमा न होने की अपील की गई है। हालांकि, शुक्रवार को कोई नया मरीज सामने नहीं आया।
गुरुवार को हरिद्वार में पांच और रुड़की क्षेत्र में दो मरीजों में रैपिड जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई। इससे स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मिलने वाले इलाकों में लोगों को जागरूक करने के साथ ही डेंगू का लार्वा नष्ट कराने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। हालांकि, मोहर्रम के चलते शुक्रवार को डेेंगू विरोधी कार्य नहीं हो सका, लेकिन शनिवार को रैपिड जांच में डेेंगू के मरीज होने की पुष्टि होने के बाद सभी के एलायजा जांच कराने के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
बागेश्वर में अतिवृष्टि के दौरान कपकोट के दोफाड़ गांव में भूस्खलन होने से 16 मवेशियों की मौत हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को शाम करीब चार बजे दोफाड़ के लोकपाल सिंह पुत्र कल्याण सिंह के गोशाला में भूस्खलन होने से दो बैल, एक गाय, एक बछिया और 20 बकरियों की मौत हो गई। प्रभावित परिवार ने मदद की गुहार लगाई है।
हरिद्वार में गंगा के तीन तटबंध टूटे, फसलें जलमग्न
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा के तीन तटबंध टूटने से क्षेत्र की हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी भर गया है। गन्ने, धान और चारे की फसलें जलमग्न होने से खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, ग्रामीणों को बाढ़ का डर सताने लगा है।
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने खानपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी गांव का रुख कर रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार दोपहर दो बजे गंगा जलस्तर 291.55 मीटर दर्ज किया गया था। शनिवार दोपहर एक बजे जलस्तर बढ़कर 291.70 मीटर पहुंच गया है।
वहीं, तीन जगह तटबंध टूटने से क्षेत्र के डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, गिद्धावाली, पोडोवाली, डेरियो, मोहनावाला, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर, शेरपुर बेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द, रामसहारवाला व हिम्मतपुर बेला आदि गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि पर पानी फैल गया है। इससे किसानों की फसल भी खराब होने की कगार पर है। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि बाढ़ राहत चौकियों से जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।