गांव के देवानंद भट्ट ने बताया कि रात लगभग साढ़े आठ बजे के करीब पानी के तेज प्रवाह के साथ मलबा उनके घरों तक पहुंचा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला, क्योंकि मौसम खराब होने की वजह से ज्यादातर लोग घरों में ही थे। उनकी पत्नी, भाभी और तीन साल की भतीजी उनके घर के मलबे में दब गए हैं।
इसके अलावा मांडो के आठ अन्य घरों में खासा नुकसान होने की बात कही जा रही है। फिलहाल किस घर में कितने लोग दबे हैं, अथवा संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है इसका ब्योरा नहीं मिल पाया है। मलबा सड़क की ओर भी आया जहां कई वाहनों के भी इसमें दबे होने की आशंका जताई गई है।
मौके पर पहुंचे भटवाड़ी के एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि भारी बारिश से गदेरे में पानी आने से गांवों की ओर मलबा आया है। तीन लोग लापता बताए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी से घटना को दुखद बताते हुए कहा, ईश्वर से सभी के कुशल होने की कामना करता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टी से हुए नुकसान की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कार्मिकों को राज्य में आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए। आपदा की स्थिति में क्विक रिस्पांस सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सोमवार को डीएम मयूर दीक्षित ने आपदा प्रभावित मांडो गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। खतरे की जद में आए भवनों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।