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उत्तराखंड: पलायन आयोग की रिपोर्ट, 58 प्रतिशत प्रवासी हुनरमंद, संवार सकते हैं पर्यटन की सूरत

Wed, 15 Jul 2020 11:28 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पलायन आयोग ने जारी की प्रवासियों की स्किल मैपिंग की रिपोर्ट, सीएम ने किया विमोचन
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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लॉकडाउन के कारण वापस उत्तराखंड लौटे प्रवासी होम स्टे, साहसिक पर्यटन, होटल आदि के क्षेत्र में प्रदेेश की खासी मदद कर सकते हैं। प्रदेश को इन्हीं क्षेत्रों के विकास की जरूरत है और लौटकर आए प्रवासियों में से करीब 58 प्रतिशत की दक्षता और अनुभव भी इन्हीं क्षेत्रों में है। 

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पलायन आयोग की ओर से प्रवासियों की स्किल मैपिंग से यह भी जाहिर हुआ है कि प्रदेश में लौटकर आने वालों में बहुत कम निर्माण मजदूर है। बड़ी संख्या में छात्र भी लौटे हैं। यह साफ है कि स्थिति केे सामान्य होते ही ये छात्र वापस लौटेंगे।

सबसे अधिक प्रवासी पौड़ी और उसके बाद अल्मोड़ा में वापस लौटे हैं। बुधवार को पलायन आयोग की प्रवासियों के बीच किए गए सर्वे पर आधारित रिपोर्ट को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जारी किया। पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार डॉ. नरेंद्र सिंह, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, आईटी सलाहकार रविंद्र पेटवाल आदि मौजूद थे।  

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प्रवासियों को रोके रखने में शिक्षा की एक बहुत बड़ी चुनौती

प्रवासियों को रोके रखने के लिए प्रदेश सरकार अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इतना होने पर भी स्कूली शिक्षा की कमी इस राह में रोड़े अटका सकती है। पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी भी स्वीकार कर रहे हैं कि प्रवासियों को रोके रखने में सबसे बड़ी बाधा पब्लिक स्कूलों की कमी का होना है। कई प्रवासी साफ कह रहे हैं कि स्थिति के सामान्य होते ही बच्चों के स्कूलों के कारण उन्हें वापस लौटना होगा। 

राज्य स्तर पर समन्वय के लिए प्रकोष्ठ बनाया जाए। उद्यान, कृषि, फूड प्रोसेसिंग आदि पर जोर दिया जाए। प्रवासियों से हमें इको टूरिज्म, होम स्टे, सेवा क्षेत्र में मिल सकता है।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री 

अधिकतर प्रवासी सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं और स्वरोजगार के लिए इच्छुक हैं। अभी इन सबकी हर संभव मदद करनी होगी। ऐसा न हो कि सरकार लोन जारी करे और स्वरोजगार करने वाला चक्कर ही काटता रहे।
 -एसएस नेगी, अध्यक्ष पलायन आयोग
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सबसे अधिक पौड़ी तो सबसे कम बागेश्वर में लौटे प्रवासी

अल्मोड़ा-         43784
नैनीताल-         9650
पिथौरागढ़-      5451
चंपावत-          15097
बागेश्वर-           1925
पौड़ी-              60440
चमोली-           5877
देहरादून-          2254
हरिद्वार-            3136
उत्तरकाशी-       19405
टिहरी-              19242
रुद्रप्रयाग-           7656
ऊधमसिंह नगर-  21958
कुल-                 215875

किस क्षेत्र में काम करने वाले कितने लोग लौटे 
-112792 लोग लौटे प्राइवेट नौकरी या आतिथ्य क्षेत्र में काम करने वाले
-3643 लोग लौटे सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले
-348 लोग लौटे पंडिताई करने वाले
-2844 लोग लौटे स्वरोजगार करने वाले
-5965 लोग लौटे मजदूरी करने वाले
-17006 छात्र लौटे हैं अपने घर
-14027 गृहणियां भी आईं वापस
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