कहा कि बीजेपी को अपना 10 साल का सांसद जीता हुआ क्यों बदलना पड़ा ? क्या कारण रहे कुछ तो कारण रहे होंगे बदलने के। कहा कि अगर सांसद ने काम किया होता उन्होंने लोगों के बीच में रहकर सब कुछ किया होता तो बदलना नहीं पड़ता। त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से यह कहना कि वह उमेश कुमार को नहीं जानते, इस पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को आड़े हाथों लिया कहा कि हाईकोर्ट से यह वही हैं जिनके रांची के घूसकांड के मैने दस्तावेज दिखाए थे। यह वही हैं, जिनके सूर्याधार में संजय गुप्ता के पार्टनर रहते जमीन खरीद फरोख्त का मामले का खुलासा मैंने किया था। उनकी सीबीआई जांच कराई थी। उन्होंने कहा कि यह वही प्रत्याशी हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए हरियाणा पंजाब के माफियाओं को शराब की फैक्टरी या बॉटलिंग प्लांट यहां लगवा दिए। अगर उन्हें याद नहीं है तो समय आने पर याद आ जाएगा।