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उत्तराखंडः 10 से गिरकर 14वें स्थान पर पहुंचा शिक्षा का स्तर, हर साल खर्च होते हैं करीब 76 अरब

Mon, 07 Oct 2019 10:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भारी भरकम ढांचा, फिर भी गिरा स्तर 
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प्रतीकात्मक
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विस्तार
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शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता के नाम पर भारी भरकम ढांचा है। इसके बावजूद शिक्षा का स्तर राज्य में गिर रहा है। नीति आयोग की ओर से जारी स्कूल एजूकेशन क्वालिटी इंडेक्स की रिपोर्ट बता रही है कि स्कूली शिक्षा सही दिशा में नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड 10वें से 14वें स्थान पर आ गया है। यह हाल तब है, जबकि विभाग में अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और हर साल स्कूली शिक्षा पर लगभग 76 अरब खर्च हो रहे हैं। 

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शिक्षा विभाग में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रार्थना सभा कार्यक्रम से लेकर प्रतिभा दिवस, डाउट क्लीयरिंग डे, इंग्लिश स्पीकिंग डे, प्रवेशोत्सव सहित अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष दो अक्तूबर को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सीमैट सभागार में नई तालीम नाम से एक अन्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जबकि अब दिल्ली में संचालित हैपीनेस कार्यक्रम को यहां आनंदालय नाम से शुरू किया जा रहा है। वहीं प्रत्येक महीने का अंतिम शनिवार बिना बस्ते के प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
 

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अधिकारियों की फौज वाले शिक्षा विभाग को दिखा आइना

जबकि यहां एकल विद्यालय बगैर शिक्षकों के वैसे ही आनंदालय बने हैं, लेकिन इस सबके बावजूद स्कूल एजूकेशन क्वालिटी इंडेक्स की रिपोर्ट अधिकारियों की फौज वाले शिक्षा विभाग को आइना दिखा रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड और कर्नाटक दो ऐसे राज्य हैं, जिनकी रफ्तार बढ़ने के बजाए घटी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन एक भी ऐसा कार्यक्रम नहीं है, जो यह बता सके कि इस कार्यक्रम से शिक्षा की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है। 

शिक्षा विभाग में शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसकी मॉनिटरिंग ठीक से नहीं हो रही। स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के बाद लिखित परीक्षा होनी चाहिए। छोटी कक्षाओं में भी विषय विशेषज्ञ हों और इन सबसे जरूरी बात यह है कि जब तक शिक्षकों और अधिकारियों में मेरे बच्चे की भावना नहीं आएगी सुधार संभव नहीं है।
-पुष्पा मानस, पूर्व शिक्षा निदेशक

सूची में केरल पहले स्थान पर 

नीति आयोग की ओर से जारी स्कूल एजूकेशन क्वालिटी इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार देश में केरल पहले, तमिलनाड़ु दूसरे और हरियाणा तीसरे नंबर पर है। जबकि अपना पड़ोसी राज्य हिमाचल छठे और उत्तरप्रदेश 17वें स्थान पर है। 
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