कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत अब मदिरा की दुकानों का आवंटन लॉटरी के स्थान पर ई टेंडरिंग से दो साल के लिए होगा। देसी मदिरा की दुकानों पर बीयर भी उपलब्ध होगी। दुकानों के लिए आवेदन शुल्क 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है। सभी दुकानों का नए सिरे से राजस्व तय होगा। दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगी। नगर निगम क्षेत्रों में रात 11 बजे तक खोली जा सकेंगी। बोर्डर एरिया से जुड़े देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी और नगर निगम क्षेत्रों में मदिरा की दुकानें रात 11 बजे तक खोली जा सकेंगी। देसी मदिरा की फुटकर बिक्री को भी मंजूरी दी।
20 हजार जॉब कार्ड धारकों को 50 दिन का और रोजगार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (मनरेगा) के तहत सरकार 100 दिन का काम पूरा करने वाले करीब 20 हजार जॉब कार्डधारकों को 50 दिन का और रोजगार देगी। इस पर राज्य सरकार अपने स्तर पर 18.09 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कैबिनेट ने प्रस्ताव पर मुहर लगाई।
छात्रों को साइकिल की धनराशि डीबीटी से मिलेगी
कैबिनेट ने आठवीं व नवीं की शासकीय व अशासकीय स्कूलों की छात्राओं को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत अब साइकिल के स्थान पर प्रत्यक्ष लाभ अतंरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में धनराशि भेजने का निर्णय लिया है। योजना के तहत पहाड़ में धनराशि और मैदान में साइकिल देने का प्रावधान है।
अब मनरेगा जॉब कार्ड पर मिलेेगा 150 दिन का रोजगार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अब प्रदेश में जॉब कार्ड पर 150 दिन का रोजगार मिलेगा। मनरेगा में जिन जॉब कार्ड धारकों ने 100 दिन का रोजगार पूरा कर लिया है। उन्हें 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार प्रदेेश सरकार अपने संसाधनों से उपलब्ध कराई। इस पर 18.9 करोड़ का व्यय आने का अनुमान है। प्रदेश में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इसमें लगभग 20 हजार जॉब कार्ड 100 दिन का रोजगार पूरा कर चुके हैं। ऐसे लोगों के सामने रोजगार की समस्या न रहे। इसके लिए सरकार ने 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने का निर्णय लिया है। मनरेगा योजना में केंद्र की ओर से 60 प्रतिशत श्रम और 40 प्रतिशत सामग्री के अनुपात में राज्यों को बजट दिया जाता है। श्रम की राशि सीधे जॉब कार्ड धारक के खाते में केंद्र की ओर से जमा की जाती है, जबकि 40 प्रतिशत निर्माण सामग्री में 75 प्रतिशत केंद्र और 25 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर दिया जाता है। सरकार के इस फैसले से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
- प्रदेश में साइबर क्राइसेस मैनेजमेंट प्लान लागू। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की योजना को अपनाया।
- जीएसटी ऑनलाइन ग्राहक योजना सामान का बिल लाओ, ईनाम पाओ बंद करने का फैसला लिया।
- पिटकुल की वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2018-19 के वार्षिक लेखा विवरण विधानसभा पटल पर रखने को मंजूरी।
- उत्तराखंड पुलिस आरक्षी व मुख्य आरक्षी (नागरिक पुलिस, अभिसूचना व सशस्त्र पुलिस) सेवा संशोधन नियमावली 2021 को मंजूरी।
- अल्मोड़ा में मंगलदीप दिव्यांग स्कूल को खत्याड़ी में भवन व वाहन गैरेज के लिए 11.20 लाख लागत की दो नाली भूमि निशुल्क मिलेगी।
- कारखाना अधिनियम के तहत लाइसेंस के नवीनीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी।
- वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग की नियमावली स्थगित हो गया है। होमवर्क कर दोबारा लाने को कहा है।
- परिवहन परिवर्तन कर्मचारी वर्ग नियमावली को मंजूरी, वरिष्ठ प्रवर्तन पर्यवेक्षक का पद सृजित।
- उत्तराखंड भाषा संस्थान एवं अकादमियों के ढांचे का होगा पुनर्गठन, दोबारा आएगा प्रस्ताव।
- एनडीआरएफ की बटालियान की स्थापना के लिए नैनीताल के टांडा वन क्षेत्र में 75 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी।
तब तक अस्थायी रूप से गदरपुर चीनी मिल में दी गई जगह।
- उत्तराखंड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में दो वर्ष की दैनिक श्रम अवधि की सेवा को समयमान वेतनमान से जोड़ने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति, फिर आएगा प्रस्ताव।