इन बिंदुओं पर हुआ विचार विमर्श
- कांवड़ियों पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखी जाएगी, ताकि कोई अनहोनी न हो।
- स्थानीय स्तर पर सीमावर्ती राज्यों के जनपदों के क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारियों के साथ समन्वय गोष्ठी करने का निर्णय लिया गया।
- यात्रा के दौरान कांवड़ियों को अपना परिचयपत्र साथ रखने, सात फीट से ऊंची कांवड़ न बनाए जाने, रेल की छतों पर यात्रा न करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- बेहतर समन्वय के लिए कांवड़ यात्रा में नियुक्त सीमावर्ती प्रदेशों में नियुक्त अधिकारी हरिद्वार स्थित कंट्रोल रूम में बैठेंगे।
- आबादी वाले स्थानों, अस्पताल, स्कूलों व वरिष्ठ नागरिकों के आवासों के पास डीजे के प्रयोग पर नियंत्रण रहे।
- शिविरों में काम करने वाले लोगों का सत्यापन किया जाएगा।
- कांवड़ यात्रा के दौरान चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए उनके लिए अलग मार्गों का निर्धारण किया जाए। दिल्ली से ही चारधाम यात्रा मार्ग का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चेकपोस्ट, लखनौता चेकपोस्ट, काली नदी बैरियर व गोवर्धन चेकपोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सीमावर्ती प्रदेशों के साथ संयुक्त चेकिंग की जाए।
वहीं कांवड़ यात्रा पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हम हर साल हरिद्वार में एक बड़ी बैठक करते हैं। हम इस साल भी एक बैठक करेंगे। पिछले साल चार करोड़ से अधिक शिवभक्त यहां पहुंचे। हम उन सभी का स्वागत करेंगे और उनके लिए अच्छी व्यवस्था करेंगे।