हाईकोर्ट ने चंपावत जिले के जीआईसी सूखीढांग के अभिभावक संघ अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जोशी सहित पांच अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार जीआईसी सूखीढांग में 25 नवंबर 2021 को स्कूल प्रबंधन समिति व अभिभावक संघ में नियुक्ति मामले में आम सहमति नहीं बन सकी तो बैठक टाल दी गई। इसी बीच प्रभारी प्रधानाचार्य ने एससी समुदाय की सुनीता की भोजन माता पद पर नियुक्ति कर दी। एक पक्ष ने जिलाधिकारी चंपावत से इसकी शिकायत की।
ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार ने कहा- महामारी नियंत्रण में है
एफआईआर निरस्त करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी
डीएम के निर्देश पर बनी जांच कमेटी ने सुनीता की नियुक्ति नियम विरुद्ध करार दी तो उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। इसके बाद सुनीता ने अभिभावक संघ अध्यक्ष नरेंद्र जोशी सहित पांच अन्य के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बाद में अभिभावक संघ की बैठक में सुनीता को नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
अभिभावक संघ अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जोशी सहित अन्य ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नियुक्ति का विरोध करने व शिकायत करने पर उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।