नैनीताल कार्यक्रम में पहुंचे गुरमीत सिंह
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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भवाली के उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी में समसामायिक न्यायिक विकास और न्याय प्रणाली को विधि एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम सुदृढ़ करने के दो दिवसीय सम्मेलन में पहुंचे। राज्यपाल का अकादमी में काफी जोरदार स्वागत किया गया।
इस खास मौके पर राज्यपाल ने कहा कि यह सम्मेलन अपने उद्देश्यों में सफल होगा। उन्होंने न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए पूछा कि क्या कोर्ट की भाषा और फैसले हिंदी में नहीं हो सकते हैं। कहा इस पर विचार किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि कोविड के कठिन समय में जब सारी दुनिया इस वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रही थी, उस समय कोविड के दौरान कोर्ट ने वर्चुअल और ई-कोर्ट रूम में बेहतर काम किया और आम जनता को न्याय दिया।
महिलाओं को जल्द देंगे न्याय
उन्होंने नारी शक्ति को लेकर आगे कहा कि हम एक तरफ तो नारी को मातृ शक्ति कहते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सुरक्षा भी सहीं से नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमको ऐसी न्याय व्यवस्था करनी चाहिए कि गंभीर मामलों में फैसले जल्द से जल्द आ सके और महिलाओं को न्याय मिलने में देरी न हो। राज्यपाल ने अपराधियों को लेकर कहा कि वह भीतर से खोखले होते हैं। आपका एक कठोर कदम ऐसे अपराधियों की कमर तोड़ने का काम करेगा और इससे काफी हद तक ऐसे मामलों में अपराध में भी कमी आएगी।
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भारत बनेगा विश्व गुरु
राज्यपाल ने यहा कार्यक्रम में कहा कि मंथन और चिंतन से जो अमृत निकलेगा वह सभी के लिए लाभदायक होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का उपयोग बेहतर साबित होगा और अगर भारत कि न्यायिक व्यवस्था इतनी मजबूती से काम करती रहीं तो एक दिन भारत को विश्व गुरु बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।