सीएम आवास पर जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को यह सवाल उठा। भानियावाला में जमीनों को खुर्दबुर्द होने की चर्चा करते हुए इसके लिए भूमि बंदोबस्त न होने को सबसे बड़ा कारण बताया गया।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भूमि बंदोबस्त की आवश्यकता पर सहमति जताई। यह तथ्य भी जोड़ा कि पूरे देश में ही 1960 के बाद भूमि बंदोबस्त नहीं हुआ है। उन्होंने बाद में मीडिया से बातचीत में भी कहा कि सरकार भूमि के बंदोबस्त पर विचार करेगी।
बरसात की चुनौतियों के बीच सरकार ने नाला कब्जा कर निकासी बाधित करने वालों पर सख्त रुख जाहिर किया है। जनता मिलन कार्यक्रम में मंगलवार को ऐसी कई शिकायतें आईं, जहां पर नाला कब्जा कर लिए जाने के कारण निकासी चोक हो गई है। इस वजह से रिहायशी क्षेत्रों में दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अफसरों को निर्देश दिए कि इस संबंध में सख्ती से कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए जाने वाली सरकारी टीम के साथ हाथापाई भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।