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गजब : शासन ने तबादले तो कर दिए जगह शिक्षक खुद तलाश लें, 140 से अधिक शिक्षकों के तबादलों में अंधेर

Mon, 10 Jan 2022 05:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले शिक्षकों के तबादलों में जमकर अंधेर हुआ है। तबादला एक्ट को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया है।
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ट्रांसफर (सांकेतिक) - फोटो : social media
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विस्तार
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शिक्षा विभाग के कारमाने भी अजब गजब हैं। शासन ने शिक्षकों के तबादले कर दिए, लेकिन तबादले के बाद किस स्कूल में पदभार ग्रहण करना है, यह शिक्षकों पर छोड़ दिया गया है। यही वजह है कि 140 से अधिक शिक्षकों के तबादलों के बाद अब शिक्षक एक से दूसरे जिले के स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। जिससे विभाग में अफरातफरी मची है।

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प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले शिक्षकों के तबादलों में जमकर अंधेर हुआ है। तबादला एक्ट को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया है। शासन ने तबादला आदेश जारी करने के बाद पूरी तरह से रसूखदार शिक्षकों पर छोड़ दिया है कि उन्हें किस स्कूल में पदभार ग्रहण करना है। तबादला आदेश में नई तैनाती के कॉलम में तबादला पाने वाले शिक्षक को तीन से चार विकल्प दिए गए हैं।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी तबादला आदेश में एक शिक्षिका की नई तैनाती स्थल के कॉलम में हरिद्वार और देहरादून नगर क्षेत्र का स्कूल लिखा गया है। इस मामले में पूरी तरह से शिक्षिका पर छोड़ दिया गया है कि वह दो जिलों के नगर क्षेत्र के किसी स्कूल में जगह होने पर नई तैनाती पा सकती है। इसके अलावा चमोली जिले में एक शिक्षक को नई तैनाती के लिए सात विकल्प दिए गए हैं।
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उनके नई तैनाती के कॉलम में जीआईसी सौड़ा सरोली रायपुर, मारखमग्रांट डोईवाला देहरादून, छरबा सहसपुर देहरादून, क्वानू चकराता, कचटा गांगरी कालसी, वाणी विहार रायपुर और जीआईसी बंजारावाला रायपुर देहरादून विकल्प दिया गया है। शिक्षक इनमें से किसी स्कूल में जगह होने पर मनचाही जगह पर तैनाती पा सकते हैं। इसके अलावा थराली चमोली के एक अन्य शिक्षक के नई तैनाती स्थल के कॉलम में देहरादून जिले के छह स्कूल दिए गए हैं।

अफसरों के तबादलों में भी हुआ खेल 
शिक्षा विभाग में अफसरों के तबादलों में भी जमकर खेल हुआ है। जिन अधिकारियों को पहाड़ चढ़ने के आदेश किए गए थे, पहाड़ चढ़े बिना ही उनकी सुगम जिलों में तैनाती कर दी गई है। शासन ने 24 दिसंबर को उप शिक्षा अधिकारी मो.सावेद आलम का पहले जखोली रुद्रप्रयाग तबादला किया। सात जनवरी को इसे निरस्त कर उनका रुड़की हरिद्वार तबादला कर दिया गया। इसके अलावा उप शिक्षा अधिकारी मेराज अहमद का पहले चंपावत तबादला किया फिर उसे निरस्त कर उनका नारसन हरिद्वार तबादला कर दिया गया। रमेश चंद्र पुरोहित को पहले प्रभारी डीईओ रुद्रप्रयाग बनाया फिर उसे निरस्त कर उन्हें प्रभारी प्राचार्य डायट भीमताल नैनीताल बनाया गया। इसके अलावा भी कुछ अन्य अधिकारियों के तबादलों में खेल हुआ है। 

तबादला एक्ट को ताक पर रखकर सिफारिशी शिक्षकों के तबादलों से वे शिक्षक आहत हैं, जो 20  या फिर इससे अधिक वर्षों से दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों में कार्यरत हैं और एक्ट के तहत सुगम में आने की आस लगाए हैं।
-अजय राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ 

जिन शिक्षकों के तबादले हुए हैं, उनमें अधिकतर बीमार हैं। जिला स्तर पर देखा जाएगा कि जहां पद खाली हैं, वहां उन्हें तैनाती दी जाएगी। रहा अधिकारियों के तबादले निरस्त करने का मामला तो बता दें कि अधिकतर उन अधिकारियों के तबादले निरस्त हुए हैं, जिनकी उम्र 55 साल या फिर इससे अधिक है। 
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- बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक

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