नई शिक्षा नीति को अपनाने और अपने यहां बदलाव करने के लिए उत्तराखंड सरकार अब ठोस कदम उठाने जा रही है। इसे लेकर 17 अगस्त को देहरादून में विभागीय अधिकारियों, कुलपतियों और अन्य संबंधित विशेषज्ञों की बैठक बुलाई गई है। नई शिक्षा नीति के तहत वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में कई तरह के बदलाव होने हैं। इन्हीं बदलावों का रोड मैप तैयार करने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।
ग्रॉस एनरेेलमेंट रेशियो को बढ़ाने की चुनौती
नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो या 18-23 आयु वर्ग में महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के प्रतिशत को 2035 तक 50 प्रतिशत किया जाना है। उच्च शिक्षा में 2018-19 के सर्वे के मुताबिक उत्तराखंड के लिए यह प्रतिशत 39.1 है। राष्ट्रीय स्तर पर यह स्तर 26 पाया गया है। इस हिसाब से देखा जाए तो उत्तराखंड में भी महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने में सरकार को खासी मेहनत करनी होगी।
क्या है वर्तमान स्थिति
प्रदेश में इस समय अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों सहित 123 राजकीय महाविद्यालय हैं। इनमेें 1.33 लाख छात्र और 1554 शिक्षक हैं। इसी तरह प्रदेश में इस समय 12 राजकीय विश्वविद्यालय हैं, जिनमें 1.44 लाख छात्र और 1751 शिक्षक हैं। 68 राजकीय महाविद्यालयों के पास अपने भवन हैं। विश्वविद्यालयों के लिए अंब्रेला एक्ट भी लाया गया है।