पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा के निधन पर क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। उनका नाम शिक्षा के प्रचार प्रसार और गन्ना राजनीति में बेहद आदर के साथ लिया जाता है। आजीवन मूल्यों और सिद्धांतों पर चलकर उन्होंने गन्ना राजनीति और डोईवाला में शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया। पृथक राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा का कार्य क्षेत्र डोईवाला रहा।
तरली जौलीग्रांट में उनका निवास स्थान है। क्षेत्र में उनके पास काफी खेती बाड़ी होने के कारण प्रगतिशील किसान कहा जाता रहा है। गन्ना राजनीति में करीब तीन दशक से भी अधिक समय तक उनकी पकड़ रही है। गन्ना परिषद डोईवाला में करीब 25 सालों तक लगातार अध्यक्ष का दायित्व निभाया।
डोईवाला शुगर मिल के पुनर्निर्माण में भी उनका बड़ा योगदान रहा। अविभाजित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे स्व. नारायणदत्त तिवारी से उनका स्नेह होने के कारण डोईवाला चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर उसको आधुनिक रूप दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके साथ ही एक शिक्षक के रूप में भी उन्होंने काम किया। क्षेत्र के सबसे पुराने पब्लिक इंटर कॉलेज डोईवाला के प्रबंधक का काम साल 1966 से 2018 तक निभाया। जबकि आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के वह अभी तक प्रबंधक बने रहे थे।
पृथक राज्य निर्माण के लिए संघर्ष के दौरान उन्होंने डोईवाला समेत पूरे प्रदेश में अलख जगाई। डोईवाला प्रेमनगर बाजार में अपनी ससुराल को भी आंदोलन के केंद्र में रखा। राज्य निर्माण संघर्ष के लिए लोगों को तैयार किया। नतीजा यह निकला कि पर्वतीय क्षेत्रों से देहरादून आने वाले आंदोलनकारियां का ठहराव डोईवाला में होता था।
आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जौलीग्रांट निवासी मनोज नौटियाल ने बताया कि वह संकल्पित भाव से राज्य निर्माण के लिए आंदोलन में उतरे थे। मुजफ्फरनगर कांड में घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखा।
दूनघाटी कॉलेज की स्थापना में निभाई भूमिका
साल 2005 में डोईवाला प्रेमनगर बाजार में स्थापित उच्च शिक्षा के संस्थान दून घाटी कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजूकेशन के स्थापना में पूर्व विधायक रणजीत सिंह ने अहम भूमिका निभाई। दून घाटी कालेज के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी प्रेरणा से ही डोईवाला में संस्थान की स्थापना संभव हो सकी।