फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: भाजपा के पूर्व विधायक स्व. बोहरा के बेटे की कार दुर्घटनाग्रस्त, मौके पर हुई मौत

Fri, 07 Aug 2020 10:03 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
कार हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नैनीताल विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधायक रहे स्व. खड़क सिंह बोहरा के पुत्र एडवोकेट आशु बोहरा की शुक्रवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि गर्दन टूटकर धड़ से नीचे लटक गई। घटना की सूचना पर कोटाबाग पुलिस चौकी की टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक बोहरा की कार स्वयं दुर्घटनाग्रस्त हुई या किसी वाहन से उनकी टक्कर हुई, इस बात पर संशय बना हुआ है। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।

विज्ञापन


वर्ष 2004 में नैनीताल सीट से विधायक रहे स्व. खड़क सिंह बोहरा के दो पुत्र हैं। उनके छोटे पुत्र आशु बोहरा अपनी माता के साथ कोटाबाग के कुशानावाड़ (पतलिया) स्थित घर में रहते थे। शुक्रवार को बोहरा अपने निजी काम से कोटाबाग गए थे। शाम को लौटते वक्त उनकी आल्टो कार रास्ते में गुरुणी नाले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा करीब 3:30 बजे का बताया जा रहा है। 


एसओ कालाढूंगी दिनेश नाथ महंत ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि राहगीरों ने कोटाबाग पुलिस चौकी को घटना की जानकारी दी और पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। गाड़ी के सड़क किनारे एक पेड़ से टकराने और एक दीवार से रगड़ने के निशान मिले हैं। हादसे की असल वजह की पुलिस जांच कर रही है। 

विज्ञापन

घर में पसरा मातम

सड़क हादसे में अचानक आशु बोहरा की मौत से परिवार में मातम छा गया। घर में माता कला बोहरा, बड़े भाई ललित मोहन बोहरा सहित परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के इलाकों से आए तमाम लोगों ने भी आशु की अचानक सड़क हादसे में मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है।  कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।

विरासत में मिली थी राजनीति  
सड़क दुर्घटना में असमय काल के गाल में समाए अमित मोहन सिंह बोरा उर्फ आशू शिवभक्त भी थे। अपने फेसबुक पेज पर शिवभक्ति से जुड़े फोटो शेयर करते रहते थे। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी। उनके पिताजी खड़क सिंह बोहरा वर्ष 2007 से 2012 तक नैनीताल से भाजपा के विधायक रहने के साथ ही 1997 से 2002 तक जिला पंचायत उपाध्यक्ष नैनीताल भी रहे। 1983 से 1996 तक लगातार 13 वर्षों तक बेतालघाट के ब्लॉक प्रमुख भी रहे। 
विज्ञापन

पिता को जीत दिलाने में आशु ने निभाई थी अहम भूमिका

जनपद के पूर्व विधायक स्व. खड़क सिंह बोहरा के पुत्र आशु बोहरा की निधन की खबर से समूचे नैनीताल में शोक की लहर है। बेहद मिलनसार स्वभाव के आशु ने वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में अपने पिता को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। 

मूल रूप से बेतालघाट के चूई बडारी गांव निवासी दिवंगत विधायक खड़क सिंह बोहरा के छोटे बेटे आशु की प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल स्थित भारतीय शहीद सैनिक स्कूल से हुई। इसके बाद डीएसबी परिसर नैनीताल से उन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण की और वर्ष 2004-05 में वह डीएसबी के छात्रसंघ सचिव निर्वाचित हुए। उच्च शिक्षा के बाद आशु ने वकालत की शिक्षा ली और वर्तमान में वह जिला कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे।

बताया जाता है कि आशु पिछले कुछ समय से आध्यात्मिक जीवन जी रहे थे। वह अविवाहित थे। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय आशु शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में नैनीताल विधानसभा सीट से अपने पिता खड़क सिंह बोहरा की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। दो अगस्त 2015 को बीमारी के बाद विधायक खड़क सिंह बोहरा का दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया था।

पिता के निधन के बाद भी आशु राजनीति से जुड़े रहे और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते रहे। वह वर्ष 2016 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें