उत्तराखंड में गढ़वाल से कुमाऊं तक जंगल 43 जगह धधके। इसमें सबसे अधिक 33 घटनाएं कुमाऊं की हैं। जबकि गढ़वाल में 8 घटनाएं हुई है। दो घटनाएं वन्यजीव क्षेत्र की है।
वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक टिहरी बांध प्रथम वन प्रभाग में दो, अल्मोड़ा वन प्रभाग आरक्षित क्षेत्र में 13, बागेश्वर वन प्रभाग में तीन, चंपावत वन प्रभाग में 11, मसूरी वन प्रभाग में दो, बद्रीनाथ वन प्रभाग में तीन और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में दो जगह जंगल धधके हैं। इस फायर सीजन में अब तक जंगल की आग की 804 घटनाएं हो चुकी है। जिससे 1011 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।