उत्तराखंड के पौड़ी जिले के जयहरीखाल में अपनी तरह का प्रदेश का पहला आवासीय स्कूल खुलेेगा। स्कूल एक स्वायत्तशासी संस्था होगी। मुख्यमंत्री इसकी आम सभा के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। छठवीं क्लास से इसमें एडमिशन होंगे। कुल सौ बच्चों में से 85 बच्चे उत्तराखंड से होंगे। बृहस्पतिवार को शासन ने इसका शासनादेश जारी कर दिया।
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल की एक आम सभा और एक आवासीय विद्यालय कार्यसमिति होगी। आम सभा में मुख्यमंत्री अध्यक्ष, शिक्षा मंत्री शिक्षा सचिव, प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव नियोजन, जिलाधिकारी पौड़ी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा और निदेशक अकादमिक शिक्षा इसमें सदस्य होंगे।
जबकि महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा सदस्य सचिव होंगे। इसके अलावा विद्यालय कार्यसमिति में मुख्य सचिव अध्यक्ष, प्रमुख सचिव या सचिव विद्यालयी शिक्षा उपाध्यक्ष, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा सदस्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त, जिलाधिकारी पौड़ी, वित्त नियंत्रक विद्यालयी शिक्षा व निदेशक माध्यमिक शिक्षा को इसमें सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं
स्कूल में वर्तमान में अकादमिक एवं आवासीय भवन खंडों की मरम्मत एवं बुनियादी सुविधाओं का विकास हंस फाउंडेशन के सहयोग से किया जाएगा। हंस फाउंडेशन से हुए एमओयू के अनुसार एक बार के लिए फाउंडेशन और सरकार 60:40 की दर से वित्तीय भार वहन करेंगे। स्कूल के संचालन और रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा वार्षिक बजट का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर एनजीओ पार्टनर का भी सहयोग लिया जाएगा।
स्कूल में एडमिशन
स्कूल में कक्षा छह से एडमिशन दिया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल द्वारा प्रत्येक सत्र से पूर्व जनवरी महीने में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा में कक्षा पांच में पढ़ रहे छात्र शामिल हो पाएंगे। प्रवेश परीक्षा के माध्यम से 100 छात्रों का अंतिम चयन किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में 25 छात्रों का एक अनुभाग होगा।
स्कूल के लिए शिक्षकों एवं कर्मचारियों का चयन
स्कूल की कार्यकारी समिति के द्वारा शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शैक्षिक प्रशिक्षण योग्यता एवं चयन प्रक्रिया तय की जाएगी। प्रिंसिपल और शिक्षकों का चयन ऑल इंडिया स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता से किया जाएगा।
वर्तमान विद्यालय का संचालन
शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय आदर्श विद्यालय जयहरीखाल में अध्ययनरत सेवित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए वर्तमान में चल रहा विद्यालय पहले की तरह चलता रहेगा।