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Uttarakhand Exclusive: अब ग्रीन टेक्नोलॉजी से होगा 23 भूस्खलन जोन का उपचार, 100 करोड़ रुपये मंजूर

Tue, 11 Jul 2023 06:41 PM IST
अलका त्यागी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में मानसून सीजन में हर साल सक्रिय होने वाले लैंडस्लाइड जोन प्रदेश के विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं। सड़कों के बंद होने से जहां आवाजाही बाधित होती है, वहीं पूरा जनजीवन प्रभावित होता है।
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भूस्खलन जोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के लिए नासूर बन चुके क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन के उपचार की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बॉयो-इंजीनियरिंग तकनीक का प्रयोग करते हुए ऐसे भूस्खलन क्षेत्रों का ग्रीन टेक्नोलॉजी से उपचार किया जाएगा। पहले चरण में विभिन्न पर्वतीय जिलों में 23 क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन को चिह्नित किया गया है। वर्ल्ड बैंक वित्त पोषित यू-प्रीपेयर परियोजना के तहत इस काम के लिए प्रथम चरण में 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

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प्रदेश में मानसून सीजन में हर साल सक्रिय होने वाले लैंडस्लाइड जोन प्रदेश के विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं। सड़कों के बंद होने से जहां आवाजाही बाधित होती है, वहीं पूरा जनजीवन प्रभावित होता है। सरकार भूस्खलन से बंद हुए मार्गों को खोलने में हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन हर बार फिर वही स्थिति बन जाती है। प्रदेश सरकार ने अब इनके स्थायी उपचार का निर्णय लिया है।

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विश्व बैंक वित्त पोषित यू-प्रीपेयर परियोजना के प्रथम चरण मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति की ओर से 23 सक्रिय भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की अनुमति दी गई है। इनमें चमोली में एक, अल्मोड़ा में एक, नैनीताल में छह, पौड़ी में चार, टिहरी में चार, उत्तरकाशी में चार और रुद्रप्रयाग में तीन स्थानों पर क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन का उपचार किया जाएगा। इसके लिए बॉयो-इंजीनियरिंग तकनीक के तहत ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें कंकरीट, सीमेंट और जाल के साथ विशेष प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाता है, ताकि मिट्टी-पत्थर और चट्टानें हमेशा के लिए स्थिर हो जाएं।

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इन क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन का होगा उपचार


चमोली : थराली घाट मोटर रोड (तीन किमी)
अल्मोड़ा : लोहाघाट बाराकोट सिमलखेत कफलीखां भनोली मोटर रोड (45 किमी)

नैनीताल :
- नैनीताल-भवाली मोटर मार्ग (नौ किमी)
- काठगोदाम हैडाखान सनानी बैंड सिमलिया बैंड मोटर रोड (तीन किमी)
- काठगोदाम हैदाखान सनानी बैंड सिमलिया बैंड मोटर रोड (आठ किमी)
- मोरनौला-भीढ़ापानी-नाई देवली-पतलोट-त्याडोबा मोटर मार्ग (47 किमी)
- मोरनौला-भीढ़ापानी-नाई देवली-पतलोट-त्याडोबा मोटर मार्ग (69 किमी)
- रामनगर भंडारपानी अमगारी बोहराकोट बेतालघाट (25 किमी)

पौड़ी गढ़वाल :
- स्वर्गीय श्री जगमोहन सिंह नेगी (लक्ष्मणझूला दुगड्डा रथुवाढाब धुमाकोट) मोटर मार्ग (28 किमी)
- स्वर्गीय श्री जगमोहन सिंह नेगी (लक्ष्मणझूला दुगड्डा रथुवाढाब धुमाकोट) मोटर मार्ग (29 किमी)
- फतेहपुर-लैंसडाउन मोटर मार्ग (16 किमी)
- फतेहपुर-लैंसडाउन मोटर मार्ग (16 किमी)

टिहरी गढ़वाल :
- टिहरी-हिंडोलाखाल-देवप्रयाग-व्यासघाट-बिलखेत- मोटर मार्ग (39 किमी)
- कमांद-धोंतरी-चमयाला-बुढ़ाकेदार-अंयारखाल मोटर मार्ग (21 किमी)
- कमांद-धोंतरी-चम्याला-बुढ़ाकेदार-अंयारखाल मोटर मार्ग (46 किमी)
- डोबरा चांठी मोटर पुल के बाईं ओर का एप्रोच रोड (एक किमी)

उत्तरकाशी :
- उत्तरकाशी घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग (10 किमी)
- उत्तरकाशी घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग (16 किमी)
- उत्तरकाशी लंबगांव घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग (87 किमी)
- उत्तरकाशी बाईपास मोटर मार्ग (तीन किमी)

रुद्रप्रयाग :
- गुप्तकाशी कालीमठ जाल चौमासी मोटर मार्ग (16 किमी)
- गुप्तकाशी कालीमठ जाल चौमासी मोटर मार्ग (17 किमी)

मयाली गुप्तकाशी मोटर मार्ग (11 किमी)

विश्व बैंक वित्त पोषित यू-प्रीपेयर परियोजना के तहत इस काम को पांच साल में पूरा किया जाता है। इसमें बॉयो-इंजीनियरिंग तकनीक का प्रयोग करते हुए भूस्खलन क्षेत्रों का ग्रीन टेक्नोलॉजी से उपचार किया जाएगा। फिलहाल दो कामों के टेंडर हो गए हैं, अन्य के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की जा रही है। उपचार का काम बरसात के बाद शुरू किया जाएगा।
- दयानंद, नोडल अधिकारी व चीफ इंजीनियर, लोनिवि
 
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