सोशल मीडिया की हर पोस्ट पर पुलिस की नजर रहेगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस के अलावा अन्य विंग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए स्वयंसेवकों की मदद भी ली जा रही है। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किसी भी भड़काऊ पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा चुनावों की तैयारियों में पार्टियां जोर शोर से जुट गई हैं। इसके लिए सोशल मीडिया पर भी प्रचार प्रसार तेजी से किया जा रहा है। अपनी अपनी पार्टियों और नेताओं के पक्ष में विभिन्न तरह की सामग्री शेयर की जा रही है। इन्हीं में से कुछ असामाजिक तत्व भी हैं जो धार्मिक व अन्य पोस्ट करने में पीछे नहीं रहते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस ने भी कमर कस ली है। डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिलों को इस बाबत सख्ती से पेश आने को कहा है।
जिलों की सोशल मीडिया सेल को एक्टिव मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ मुख्यालय में तैनात सोशल मीडिया निगरानी टीम को भी जिलों से इनपुट लेने के निर्देश दिए हैं। सभी तरह की सामग्री पर नजर रखने को कहा गया है। इसके साथ ही धार्मिक टिप्पणियों और समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से किए जाने वाले पोस्ट पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आईटी एक्ट व आईपीसी की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
वॉलंटियर की फौज तैयार
पुलिस ने पिछले साल सोशल मीडिया की निगरानी में कुछ स्वयंसेवकों को भी अपने साथ जोड़ा था। यह सभी आईटी के क्षेत्र में दक्ष या पूर्व और वर्तमान छात्र हैं। प्रदेश में ऐसे 200 से ज्यादा लोग हैं जो इस वक्त पुलिस की मदद सोशल मीडिया की निगरानी में कर रहे हैं। डीजीपी ने इन स्वयंसेवियों की भी मदद लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि हर प्रकार की पोस्ट जो भड़काऊ है या समाज को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा सकती है पर नजर रखी जा सके।