पुरोला में भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर है। यहां भाजपा से दुर्गेश्वर लाल और कांग्रेस से मालचंद प्रत्याशी हैं। मालचंद के पास भी दो बार जीत का अनुभव है। वहीं दुर्गेश्वर पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इस बार मालचंद के सामने राजनैतिक विरासत बचाने तो दुर्गेश्वर के सामने राजनैतिक भविष्य बनाने की चुुनौती है।
गंगोत्री में दूसरी और यमुनोत्री में चौथी बार होगा ऐसा
दोनों सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला नया नहीं है। गंगोत्री में वर्ष 2002 के पहले चुनाव के बाद ऐसा दूसरा मौका है। वर्ष 2002 में भाजपा, कांग्रेस व सीपीआई के बीच कांटे की टक्कर रही थी, जिसमें कांग्रेस ने 610 वोट के अंतर से भाकपा को हराया था। वहीं यमुनोत्री में त्रिकोणीय मुकाबला नया नहीं है। यहां यूकेडी के मजबूत होने से वर्ष 2002, 2007 और 2012 में तीन बार त्रिकोणीय मुकाबला हो चुका है।