भाजपा ने खानपुर विधानसभा सीट पर कुंवर प्रणव चैंपियन का टिकट काटकर उनकी पत्नी कुंवरानी देवयानी को प्रत्याशी बना दिया। चैंपियन की सीट पर बेशक परिवारवाद को लेकर कोई विरोध नहीं है, लेकिन उनका मामला परिवारवाद के विरोध का एक बड़ा आधार बन गया है। पार्टी ने काशीपुर में विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस फैसले का भी स्थानीय दावेदार विरोध कर रहे हैं और टिकट बदलने की मांग उठा रहे हैं।
कांग्रेस में भी कलह
कांग्रेस में पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को बाजपुर और उनके बेटे संजीव आर्य नैनीताल से उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह पार्टी में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं रावत को लैंसडौन से टिकट दिया है। काशीपुर से पार्टी ने पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के बेटे नरेंद्र चंद सिंह को उम्मीदवार बनाया है। हल्द्वानी से पूर्व कैबिनेट स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश के सुपुत्र सुमित हृदयेश को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। दोनों ही दलों में परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठ रही है।
कैंट सीट पर टिकट बदलने की मांग उठाई
देहरादून कैंट विधानसभा सीट पर टिकट के दावेदारों ने प्रदेश संगठन से घोषित प्रत्याशी सविता कपूर को बदलने की मांग की। मंगलवार को टिकट के दावेदार विश्वास डाबर, जोगेंद्र पुंडीर, विनय गोयल, आदित्य चौहान, सचिन गुप्ता, अंकित अग्रवाल, शारदा गुप्ता, अमिता सिंह प्रदेश पार्टी कार्यालय में प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी व प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से मिले और उनसे प्रत्याशी के नाम पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का सिद्धांत है कि परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। लेकिन पार्टी कैंट सीट पर स्वर्गीय विधायक की पत्नी को टिकट दिया। इससे वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे कई कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी है।