कांग्रेस छोड़कर भाजपा के टिकट पर रायपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमेश शर्मा काऊ संगठन के एक खेमे के निशाने पर हैं। रायपुर विस में दो मंडल अध्यक्षों की छुट्टी के बाद से वहां कार्यकर्ताओं का एक वर्ग इसके लिए विधायक को जिम्मेदार मान रहा है। नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश पार्टी कार्यालय के बाहर विधायक के खिलाफ धरना दिया। यह विवाद केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ और विधानसभा सीटों पर भाजपा के भीतर इसी तरह की स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
विधायक ने हरक सिंह के खिलाफ खोला मोर्चा
लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह रावत ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह पर लैंसडौन की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वह खुलकर मंत्री के खिलाफ उतर आए हैं। इसकी वजह हरक सिंह की लैंसडौन विस सीट पर दावेदारी मानी जा रही है। पिछले दिनों हरक ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, उसमें लैंसडौन सीट भी शामिल है। सियासी हलकों में पिछले काफी समय से यह चर्चा भी तैर रही है कि हरक सिंह लैंसडौन सीट से अपनी पुत्रवधू को चुनाव लड़ाना चाहते हैं।
कौशिक ने लैंसडौन विधायक से की बात
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि उन्होंने लैंसडौन विधायक दिलीप सिंह रावत से बात की है। विवाद जैसी कोई बात नहीं है।