चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां की राजनीति में नैतिक पक्ष सर्वोपरि होना चाहिए, लेकिन भाजपा इसके विपरीत आचरण करती है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ.सत्यनारायण सचान, शोएब अहमद, आभा बड़थ्वाल, हुसैन अहमद, एसके राय, सुभाष पंवार, डॉ. राजेन्द्र पराशर, मशकूर कुरैशी, प्रो राकेश पाठक, चंद्रशेखर यादव, अरविंद यादव, गुलफाम, हेमा बोरा, अतुल शर्मा, आलोक राय, राजेन्द्र चौधरी, हनीफ गांधी, कृष्ण कुमार, रेखा मौर्या, नासिर मंसूरी, अनुराग कुकरेती आदि मौजूद रहे।
अपने ही पूर्व नेता को भूली सपा, विरोध
कार्यसमिति की बैठक में उस वक्त हंगामा हो गया जब पार्टी से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता स्व.विनोद बड़थ्वाल की तस्वीर न होने पर विरोध जताया। पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता हेमा बोरा ने प्रभारी राजेंद्र चौधरी के सामने ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि जिस नेता ने पार्टी की इतने दिन सेवा की, उन्हीं की तस्वीर को एक भी पोस्टर, बैनर पर नहीं लगाया गया। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों ने उनसे माफी मांगी।
कई बार हुआ हंगामा
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान कई बार स्थिति बिगड़ी। एक जिलाध्यक्ष को जब मंच पर बुलाया गया तो उन्होंने कहा कि मेरा नाम लेना तो गवारा ही नहीं किया गया, अब मुझे चाहे जिलाध्यक्ष मानो या न मानो। फिर किसी तरह उन्हें समझाया गया। ऐसी परिस्थितियां कई बार पैदा हुईं।