पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे नैनीताल से विधायक संजीव आर्य का विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने इस्तीफा मंजूर किया है। भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल और उनके बेटे संजीव आर्य ने 11 अक्तूबर को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को विधानसभा की सदस्य पद से त्याग पत्र सौंपा था।
दोनों के इस्तीफे को विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है। वर्ष 2017 के चुनाव में पूर्व कैबिनेट यशपाल आर्य ने बाजपुर सीट और उनके बेटे संजीव आर्य ने नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ कर जीते हासिल की थी। यशपाल और संजीव ने भाजपा छोड़ कर फिर से कांग्रेस पार्टी में वापसी की है। कांग्रेस में शामिल होने से पहले दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष को विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंपा था।
दल-बदल से तीन विधायक दे चुके इस्तीफा
2017 में भाजपा व कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते तीन विधायक ने दल-बदल के चलते विधायक पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जिसमें कांग्रेस से भाजपा में शामिल राजकुमार, भाजपा से कांग्रेस में गए यशपाल आर्य, संजीव आर्य का इस्तीफा मंजूर हो चुका है। हालांकि धनोल्टी से निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार और भीमताल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैडा भी भाजपा में शामिल हुए हैं। दल बदल के बावजूद दोनों निर्दलीय विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से न तो इस्तीफा दिया है न ही किसी सदस्य ने उनके खिलाफ विधानसभा को कोई याचिका दी है।