पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र पूर्व विधायक संजीव आर्य के काफिले पर हुए हमले के मामले में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का बयान ‘जैसा बोओगे, वैसा काटोगे’ कांग्रेस को नागवार गुजरा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे सीधे-सीधे धमकी देना बताकर निंदा की है। उन्होंने कौशिक से बयान वापस लेने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में जिन 18 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया, उनमें से साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये की योजनाएं कांग्रेस के जमाने में शुरू की गई थीं। कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम मनमोहन सरकार में शुरू हो गया था। आज जिस ऑल वेदर रोड के नाम पर भाजपा वाहवाही लूट रही है, दरअसल ऐसी कोई योजना ही नहीं है। यह परियोजना भी मनमोहन सरकार में चारधाम यात्रा सुधार मार्ग के नाम से शुरू हो गई थी। तभी इस परियोजना की डीपीआर बनने के साथ स्वीकृति भी हो गई थी। उसी दौरान काम भी शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जमाने में शुरू की गई योजनाओं का भाजपा की ओर से श्रेय लेना गलत है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की थी। जबकि तीन दिन पहले पीएम मोदी ने इस योजना का कहीं जिक्र नहीं किया। इसका मतलब साफ है कि यह घोषणा भी हवा हवाई ही थी। उन्होंने इसे गैरसैंण और उत्तराखंड का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का भी कहीं जिक्र नहीं किया। अब भाजपा मसूरी से टिहरी तक सुरंग ले जाने की बात तो कर रही है, लेकिन इस सुरंग को बनाने वाले औजार किस फैक्ट्री में बन रहे हैं, इसका भी कहीं अता-पता नहीं है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार को गैरसैंण जाने में ठंड लग रही है। लेकिन वह आगमी नौ और 10 दिसंबर को देहरादून में विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में उपवास कर सरकार को आईना दिखाने का काम करेंगे। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा की रैली में पीएम मोदी के संबोधन के दौरान राज्यपाल की उपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक रैली में राज्यपाल की उपस्थिति संविधान की अवहेलना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि गैरसैंण पर कांग्रेस को नौटंकी नहीं करनी चाहिए। गैरसैंण पर उसने कुछ नहीं किया, जबकि भाजपा सत्ता में आई तो उसने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में राज्य के लिए ताबड़तोड़ विकास योजनाओं से कांग्रेस में बौखलाहट है और वह विकास योजनाओं को सकारात्मक रूप में लेने के बजाय तमाम तरह के सवाल जवाब में उलझ गई है।