विधानसभा चुनाव के अभियान के लिए भाजपा ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रबंधन समिति पर अब पार्टी के चुनावी समर का पूरा दारोमदार होगा। प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने समिति के सदस्यों को अपने-अपने मोर्चों पर पूरी क्षमता के साथ डट जाने का आह्वान किया। चुनाव प्रबंधन समिति के 33 विभाग अपने-अपने मोर्चों पर चुनावी रणनीति बनाने के अभियान में जुटेंगे।
विभागों के प्रभारी, संयोजक व सह संयोजक सप्ताह में दो दिन पार्टी कार्यालय में आकर रणनीति बनाएंगे। 24, 25 व 26 नवंबर को प्रदेश प्रभारी जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इन विभागों की चुनावी कार्ययोजना पर मंथन करेंगे और उनके मार्गदर्शन में भावी रणनीति तय होगी।
चुनाव प्रबंधन समिति अनुभवी लोगों की टीम है। इस टीम के माध्यम से पार्टी विधानसभा चुनाव के लक्ष्य की ओर बढ़ेगी। 24 से 26 नवंबर को प्रबंधन समिति के साथ बैठकें होंगी, जिनमें केंद्रीय नेताओं के मार्गदर्शन से आगे रणनीति बनाएगी जाएगी।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
निशंक, तीरथ व महारानी नहीं आए
चुनाव प्रबंधन समिति में शामिल ज्यादातर नेता बैठक में मौजूद रहे, लेकिन घोषणा पत्र समिति के संयोजक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, अन्य कमेटी के सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, सांसद महारानी राज्यलक्ष्मी, मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि) व कुछेक अन्य नेता अलग-अलग कारणों से बैठक में नहीं आए।
चुनाव प्रबंधन के ये हैं प्रमुख विभाग
चुनाव प्रबंधन कमेटी में चुनाव कार्यालय, न्यायिक मामले, बूथ, घोषणा पत्र, पड़ोसी राज्यों से संपर्क, महिला कार्य, चार्जशीट विभाग समेत 33 विभागों के संयोजकों व सह संयोजकों ने बैठक में भाग लिया।