प्रदेश में चुनाव प्रचार में बहुत कम दिन शेष रह गए हैं। अभी भी हमें उत्तरराखंड का बा के विमर्श में बड़ी संख्या में रचनाएं प्राप्त हो रही हैं। हमने निवेदन किया था कि उत्तराखंड में का बा अर्थात उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों अथवा ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की मुद्रा में ही रचनाएं भेजनी है। कई रचनाएं विषय से भटकी मिल रही हैं। उनका प्रकाशन हम नहीं कर पा रहे। लिहाजा कुछ चुनिंदा रचनाओं का ही प्रकाशन किया जा रहा है।
चुनावी बयार है, मौसमी खुमार है
आजा मेरे वोटर आजा तेरा इंतजार है
अब तक साथ निभाया है, आगे भी निभाना
ओ मेरे वोटर भैया दल न बदलना
भगवे की बहार है, तिरंगे की शान है
जन प्रिय नेता की सुन लो पुकार है
चुनावी बयार है, मौसमी खुमार है
-सुनीता मित्तल हरिद्वार
विकास के सारे मुद्दे दरकिनार कर देते हो
बड़ी-बड़ी बातों से पर्चे भर देते हर बार
घर-घर पहुंच लुभाने का कर रहे हो प्रयास
समझती है जनता तभी चुप है
चुनाव बड़ा रोचक है इस बार
-अमृता पांडे, हल्द्वानी
शेरवानी सलवार में देखा, कोट और पैंट में देखा
मलिन बस्तियों में उसे धोती-कुर्ते में देखा
गिरगिट की तरह बदलते उसके रंगों को देखा
हाय! मैंने उस नेता को क्या-क्या करते नहीं देखा
-अखिलेश सती, देहरादून
चुनावी बहार बा, मतदाता मौन बा, प्रत्याशी बेचैन बा
मोदी के दहाड़ बा, हरीश, केजरीवाल का चमत्कार बा
14 फरवरी मतदाना का इंतजार बा, चुनावी बहार बा
-आलोक द्विवेदी, हरिद्वार
चल रहा चुनावी रण, वादों की गोलियां
जनता के वोट की लग रही हैं बोलियां
मतदाता के कंधे पर रखकर चले आए बंदूक
सब नेता यह सोच रहे निशाना न जाए चूक
- त्रिभुवन कुमार पंत, हल्द्वानी