यमुनोत्री विधानसभा का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। यह सीट राज्य गठन के बाद ही अस्तित्व में आई। हिमालय की सदानीरा यमुना नदी के उद्गम स्थल व चार धामों में पहले यमुनोत्री धाम की मौजूदगी के चलते इस सीट का महत्व काफी बढ़ जाता है।
विधानसभा क्षेत्र में विकासखंड डुंडा के ब्रह्मखाल क्षेत्र के कुछ गांवों के साथ विकासखंड चिन्यालीसौड़ व बड़कोट आते हैं। इस सीट पर एक बार उक्रांद, एक बार निर्दलीय और एक-एक बार भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। खास बात ये है कि इस सीट पर मतदाताओं ने प्रत्याशी की पार्टी न देख उनके व्यक्तित्व को तरजीह दी है।
प्रमुख मुद्दे/समस्याएं-
-चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे का अधूरा निर्माण।
-चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध की झील प्रभावितों की समस्या।
-चिन्यालीसौड़ में लंबित राजीव गांधी नवोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण।
-बनचौरा, ब्रह्मखाल में उप तहसील की मांग।
-हातड़ पट्टी में दूर संचार सेवा की बदहाल स्थिति।
-जोगत में राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा की मांग।
-यमुनाघाटी में महिला रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी।
-यमुनाघाटी को पृथक जिला बनाने की मांग।
मतदाताओं की संख्या
कुल-75580
पुरुष मतदाता-38688
महिला मतदाता-36892
अब तक के विधायक
प्रीतम पंवार, 2002 उक्रांद।
केदार सिंह रावत, 2007 कांग्रेस।
प्रीतम पंवार, 2012 निर्दलीय।
केदार सिंह रावत, 2017 भाजपा।
वादे पूरे/अधूरे
सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। सरकारी विभागों में दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांगों के लिए अलग से भर्ती का शासनादेश जारी नहीं हो पाया। जिससे दिव्यांगजन बहुत हताश व निराश हैं।
-सुरेंद्र रावत, बड़कोट
केंद्र में भाजपा की विकास को गति देने वाली सरकार के सापेक्ष यमुनोत्री में कोई बड़ा काम धरातल पर नहीं हुआ। रंवाई क्षेत्र को पृथक जिला बनाने की मांग पूरी नहीं हो पाई है।
-भागवत सेमवाल, बड़कोट
गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम हुआ है। सीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती हुई। इसके साथ ही विस क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खुलना चाहिए।
-रीना रमोला, चिन्यालीसौड़
निवर्तमान विधायक ने अच्छा काम किया है। सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को बस्ते व बैठने के लिए फर्नीचर आदि उपलब्ध कराया गया है। गैलाडी से अनोल गोरण तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। जो होना चाहिए।
-अतर सिंह राणा, ग्राम बगोडी चिन्यालीसौड़
मौजूदा विधायक का संक्षिप्त कोट
मैंने अपनी पूरी क्षमता के साथ क्षेत्र का विकास किया है। रेलवे लाइन के काम को आगे बढ़ाने के साथ रोजगार में वृद्धि के लिए क्षेत्र में उत्पादित संसाधनों पर आधारित कारखाने लगाने का प्रयास करूंगा। क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के साथ तीनों डिग्री कॉलेज को पीजी कॉलेज की मान्यता दिलाने का प्रयास रहेगा। जिससे आदर्श विधानसभा का सपना साकार हो सके।
-केदार सिंह रावत, निवर्तमान विधायक यमुनोत्री
उनसे हारने वाले उम्मीदवार का कोट
भाजपा ने बेरोजगारों के साथ छलावा कर जिले में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। पुराने विकास कार्यों में लीपापोती कर अपने खाते में दिखाने की कोशिश की है। जनता भाजपा की कथनी करनी को समझ चुकी है और इस चुनाव में अपने वोट की ताकत से भाजपा को सबक सीखायेगी।
-संजय डोभाल, प्रतिद्वंदी प्रत्याशी वर्ष 2017