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Uttarakhand Election  2022: चुनाव में जाने से पहले अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र लाए सरकार - हरीश रावत

Wed, 15 Dec 2021 03:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार का अर्थिक प्रबंधन फेल साबित हुआ है। सरकार कर्ज में चल रही है। भाजपा की वर्तमान सरकार आने वाली सरकार के लिए नौ लाख बेरोजगार देकर जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव में जाने से पहले स्टेट ऑफ इकोनॉमी पर राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार और पलायन के आंकड़ों और भविष्य के रोडमैप पर बहस की चुनौती दी है।
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राजपुर रोड स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार का अर्थिक प्रबंधन फेल साबित हुआ है। सरकार कर्ज में चल रही है। भाजपा की वर्तमान सरकार आने वाली सरकार के लिए नौ लाख बेरोजगार देकर जा रही है। अब तक प्रदेश में जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें 2022 का चुनाव सबसे ज्यादा चिंताजनक परिस्थितियों में होने जा रहा है। इस सरकार ने शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा के ढांचे को बर्बाद कर दिया। वर्ष 2022 से 2027 के बीच में रहने वाली सरकार के सामने एक हिमालयी टास्क खड़ा होगा। इसलिए हम स्टेट ऑफ इकोनॉमी पर श्वेत पत्र की मांग कर रहे हैं। 

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चार बिंदु : महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खनन पर रखा अपना रोडमैप 
पूर्व सीएम ने कहा कि हमने गत दिनों महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खनन चार बिंदुओं पर 18 से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। कांग्रेस स्पष्ट कर देना चाहती है, इन बिंदुओं को लेकर हमारा रोडमैप तैयार है। 

पहला बिंदु : भ्रष्टाचार
हम जब सत्ता में आए थे तो हमने लोकायुक्त दिया था। जो आज भी राज्यपाल की स्वीकृति के इंतजार में है। यदि हमारी सरकार बनती है तो हम देखेंगे कि उस लोकायुक्त बिल की क्या स्थिति है, यदि कानून सम्मत तरीके से उसे पुनर्जीवित किया जा सकता है तो ठीक, नहीं तो सत्ता में आने पर एक माह के भीतर नए सिरे से नए लोकायुक्त बनाने की प्रक्रिया में शुरू की जाएगी। हम भविष्य में पंचायतों के लिए भी अलग पंचायती लोकायुक्त नियुक्त करेंगे, जो पंचायतों में धन के सदुपयोग को सुनिश्चित करेगा। पंचायतों में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने में मददगार साबित होगा। 

दूसरा बिंदु : खनन
खनन पर हमने पहले भी नीति बनाई थी, उसे लागू करेंगे। वर्तमान में जो अंधाधुंध खनन हो रहा है, उसकी न्यायिक जांच कराई जाएगी। भविष्य के लिए एक नीति पत्र बनाएंगे, जिसको विधानसभा से पास कराकर कानून की शक्ल दी जाएगी। 

तीसरा बिंदु : बेरोजगारी
हर साल दस प्रतिशत नए पद सृजित करेंगे। स्वरोजगार को बढ़ावा देंगे। जिनको रोजगार नहीं दे पाए, उनका बेरोजगारी भत्ता देंगे। इन सबके अलावा सरकार में कैबिनेट के भीतर एक चेक प्वाइंट बनाया जाएगा, जो कैबिनेट के सामने आने वाले प्रत्येक वित्तीय प्रस्ताव का मूल्यांकन करेगा। वह यह सुनिश्चित करेगा कि दस करोड़ या दस करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्ताव में कितने नए रोजगार सृजित होंगे। कांग्रेस की जो मूलभूत नीति होगी, वह रोजगार सृजन की होगी। 

चौथा बिंदु : महंगाई
वैसे तो यह केंद्र का विषय है, लेकिन हम अपने स्तर पर महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश करेंगे। जैसे हमने गृहणियों को दो सौ रुपये प्रति सिलिंडर सब्सिडी देने की बात कही है। इस सब्सिडी को और भी बढ़ाया जा सकता है, इस पर भी विचार किया जा रहा है। हम सकारात्मक सोच के साथ इस सरकार का विरोध कर रहे हैं। हम समस्याओं के साथ समाधान भी लेकर आए हैं। 

दिल्ली के स्कूलों में कुत्ते और गधे सोये रहते हैं: हरीश 
उत्तराखंड के दौरे पर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दावों को हरीश रावत ने हवा-हवाई बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल जिस मॉडल को यहां लाना चाहते हैं, वह यहां काम नहीं करेगा। वह दिल्ली के मॉडल स्कूलों की बात करते हैं, उन स्कूलों की हालत कुछ ऐसी है कि वहां कुत्ते और गधे सोये रहते हैं। कॉलोनियों में पानी के लिए मारामारी होती है, बिजली की हालत बदतर है, जो और बद से बदतर होती जा रही है। दिल्ली में पिछले दो साल से औसत साढ़े 18 घंटे बिजली मिल रही है। जबकि उत्तराखंड में औसत साढ़े 23 घंटे बिजली मिलती है। 
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रोजगार के मुद्दे पर सफेद झूठ बोल रही सरकार 
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार ने रोजगार के मामले में जो भी दावे किए हैं, चाहे वह विधानसभा के बाहर हों या भीतर, सब सफेद झूठ हैं। उनके सारे मुख्यमंत्री किसी भी चौराहे पर इस मुद्दे पर हमसे बहस कर लें, हम उनके सारे तर्कों का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कि सत्ता में आने पर हम रोजगार के साथ राज्य की आमदनी के श्रोत भी बढ़ाएंगे। 
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