पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और उनकी पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं ने अभी कांग्रेस पार्टी ज्वाइन नहीं की है, लेकिन पार्टी में कई सीटों पर उनके विरोध की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने तो बकायदा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर डॉ. हरक और उनकी पुत्रवधु को पार्टी में नहीं लिए जाने की बात कही है।
राहुल गांधी को लिखे पत्र में धीरेंद्र प्रताप ने लिखा है कि डॉ. हरक सिंह रावत की पुत्रवधु को कांग्रेस पार्टी में शामिल किए जाने और लैंसडौन से टिकट दिए जाने की खबरें सियासी फिजाओं में तैर रही हैं। उनका आरोप है कि हरक की पुत्रवधु का समाजसेवा और राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अपने ससुर डॉ. हरक को वह आगे कर कांग्रेस पार्टी के टिकट की जुगत में लगी हैं। ऐसे में पहले से इस सीट पर तैयारी कर रहे कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि पिछले चुनाव में लैंसडौन सीट पर पार्टी ने टीपीएस रावत को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।
हरक सिंह रावत अपनी पुत्रवधू अनुकृति गुसाई को लैंसडौन से टिकट दिलाने के लिए एडी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। भाजपा और प्रदेश मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद अब कांग्रेस के दरवाजे पर खड़े होकर भी वह अपनी एक सूत्री मांग (अनुकृति के लिए लैंसडौन से टिकट) पर अड़े बताए जा रहे हैं। इधर, लैंसडौन सीट पर कांग्रेस टिकट के दावेदारों में भी बेचैनी है और वहां घमासान छिड़ गया है।
हरक सिंह को भाजपा से निकाले जाने से पहले लैंसडौन सीट पर सिटिंग विधायक दिलीप रावत के खुलकर विरोध में उतर आए थे। अब भाजपा से उनकी विदाई के बाद विरोध कांग्रेस में शिफ्ट होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पार्टी से महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव ज्योति रौतेला, जयहरीखाल के ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी, महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, पूर्व मंत्री और विधायक ले. जनरल टीपीएस रावत (सेनि) के करीबी रघुवीर बिष्ट, कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप व पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूडी के पुत्र मनीष खंडूडी का नाम कांग्रेस पार्टी के दावेदारों में शामिल हैं। अनुकृति गुसाईं का नाम कांग्रेस की ओर से दावेदार के रुप में सामने आने से कांग्रेस में विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। विरोध के इन स्वरों को कांग्रेस कैसे थामती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
भाजपा से दिलीप रावत लड़ेंगे चुनाव
लैंसडौन सीट पर भाजपा से विधायक दिलीप रावत का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। रावत 2012 व 2017 में चुनाव जीते। वह तीसरी बार मैदान में उतरने को बेताब है। राज्य निर्माण से पूर्व अविभाजित यूपी के समय इसी सीट से दिलीप रावत के पिता भारत सिंह रावत विभिन्न दलों से पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। तब इस सीट में वर्तमान कोटद्वार, यमकेश्वर और चौबट्टाखाल तक का भूगोल शामिल था।