आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 77 पहुंच गया है। हालांकि धरातल पर यह इससे कहीं अधिक बताया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार आपदाग्रस्त जिलों में नैनीताल में सर्वाधिक 35 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच घायल हैं। अल्मोड़ा में छह मौतें, दो घायल, चंपावत में 11 मौतें, चार घायल, बागेश्वर में चार मौतें, यूएस नगर में दो मौतें, तीन घायल, पौड़ी में तीन मौतें, दो घायल, पिथौरागढ़ में तीन मौतें, दो घायल, चमोली में एक मौत, चार घायल और उत्तरकाशी में दस लोगों की मौत, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
चार सौ से अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा
उत्तराखंड में भारी बारिश चार सौ से अधिक सरकारी स्कूलों को भी नुकसान पहुंचने का अनुमान है। जहां कुछ स्कूल भवनों में पानी भर गया है, वहीं कई स्कूल भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। इन स्कूलों कक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। आधिकारिक सर्वेक्षण अभी भी चल रहा है। नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में सबसे अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा है। शासन ने जिलों से मुख्य शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट देने को कहा है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि आपदा प्रभावित आठ जिलों में विभाग को करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मिलने के बाद क्षति का आकलन किया जाएगा।
प्रदेश में आपदा से खेती किसानी को 97 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में आपदा से खेती किसानों को लगभग 97 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेज दी है। सबसे ज्यादा नुकसान ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में हुआ है। प्रदेश में 18 व 19 अक्तूबर को आई आपदा से 45 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर धान समेत अन्य नकदी फसलें बर्बाद हुई हैं। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार समेत अन्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश से धान की फसल खराब हुई है। कृषि विभाग ने नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेज दी है। जिसमें 97 करोड़ का नुकसान आंका गया है।