इसके बाद बिना आउटसोर्स एजेंसी की निविदा खोले 14 सितंबर 2020 को समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 सितंबर 2020 से पूर्व चयनित एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों से विभागीय कार्य न लिया जाए।
विभाग की राज्य मंत्री ने कहा कि निदेशक के इस आदेश से लगभग 400 कर्मचारी बेरोजगार हो गए। केंद्र सरकार की छोटे बच्चों को पोषण, प्रताड़ित महिलाओं आदि से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। उधर इस मामले में विभाग के निदेशक वी षणमुगम से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो सका यदि वह अपना पक्ष रखना चाहेंगे तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
कर्मचारियों ने मंत्री के आवास के बाहर किया सांकेतिक प्रदर्शन
केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने नौकरी से हटाए जाने के विरोध में बाल विकास विभाग की राज्य मंत्री के आवास के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया। शुक्रवार दोपहर मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले वर्ष से विभिन्न योजनाओं के तहत विभाग में काम कर रहे थे, लेकिन 15 सितंबर 2020 से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई है। जबकि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन भी नहीं मिला।
इससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें बहाल किए जाने के साथ ही उनके वेतन का भुगतान किया जाए। उधर विभाग की राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि वह कर्मचारियों के साथ है। प्रयास किया जाएगा कि किसी कर्मचारी के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो।