उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। इसके तहत गुरुवार 18 से 24 नवंबर तक कर्मचारी काला फीता बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे।
संघ के सदस्यों में रोष
बुधवार को इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक संघ भवन में हुई। बैठक में कहा गया कि लोनिवि में डिप्लोमा इंजीनियर्स की लंबित मांगों पर लंबे समय से प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे संघ के सदस्यों में रोष है और उन्हें मजबूरन आंदोलन की घोषणा करनी पड़ रही है। समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज ने 23 सितंबर को ग्रीवांस बैठक में निर्देश दिए थे, लेकिन प्रमुख सचिव लोनिवि व विभागाध्यक्ष ने दो माह बीत जाने के बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया।
बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष आरएस मेहरा ने बताया कि गंभीर रूप से असाध्य बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों के स्थानांतरण दो वर्षों से लगातार अनुरोध के बाद भी नहीं किए जा रहें हैं। इसके अलावा संपूर्ण कार्यकाल 17 वर्षों से दुर्गम में कार्यरत रहे अभियंताओं का स्थानांतरण पुन: अति दुर्गम खंडों में कर दिया गया है, जबकि पूरे सेवाकाल में सुगम में तैनात रहे अभियंताओं को पुन: सुगम स्थानों में तैनाती दी गई है। विभाग के पुनर्गठन में उच्च अभियंताओं के प्रतिनियुक्ति पद तो बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता के पदों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
बैठक में प्रांतीय महामंत्री एसएस चौहान, सदस्य प्रांतीय कार्यकारणी आरसी शर्मा, मंत्री वित्त केके उनियाल, अतिरिक्त महामंत्री भगवान सिंह चौहान, मंत्री लेखा प्रवीण सक्सेना, प्रांतीय संगठन सचिव गढ़वाल प्रदीप ममगाई, मंडल अध्यक्ष गढ़वाल छबील दास सैनी, अजेंद्र जोशी, मंडल महामंत्री गढ़वाल शिवराज लोधियाल, विनोद सनवाल, अरविंद प्रताप सिंह, शक्ति आर्या, सरीन कुमार आदि उपस्थित रहे।
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
- 18 से 24 नवंबर तक समस्त सदस्य काला बांधकर फीता बांधकर कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- 25 से 30 नवंबर तक प्रमुख अभियंता कार्यालय, देहरादून में जनपदवार धरना प्रदर्शन करेंगे।
- 1 से 6 दिसंबर तक प्रमुख अभियंता कार्य ालय, देहरादून में जनपदवार क्रमिक अनशन आयोजित होगा।
- 6 दिसंबर तक समस्याओं का समाधान न होने पर उसी दिन उच्चाधिकार समिति की बैठक में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।