जागरूकता के लिए बनाएं एजुकेशन मॉडल
महिला एवं बाल अपराध रोकने के लिए डीजीपी ने अधिकारियों को एक एजुकेशन मॉडल बनाने के निर्देश दिए। ताकि, महिलाओं और बच्चों को उनके प्रति होने वाले अपराधों से जागरूक किया जा सके। पॉक्सो एक्ट व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पीड़िताओं की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की कराई जाए। सीओ स्तर के अधिकारी लगातार पीड़िताओं से संवाद स्थापित करें।
ड्रग्स की रोकथाम
डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके लिए बड़े तस्करों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एनसीबी से सेटेलाइट डाटा लेकर अफीम व चरस की खेती को नष्ट किया जाए। सिंथेटिक ड्रग्स की युवाओं को लत न पड़े इसके लिए भी प्रबंध किए जाएं। बरामद ड्रग्स का विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराने के बाद उनमें सिंथेटिक ड्रग्स की मात्रा का पता करें। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करें।
यातायात प्रबंधन
डीजीपी ने यातायात निदेशक अरुण मोहन जोशी को यातायात प्रबंधन के संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए मानव शक्ति का आकलन करने को कहा। ताकि, यातायात ड्यूटी अधिक से अधिक कर्मियों की लगाई जा सके। दुर्घटना संभावित स्थानों पर उनकी नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मुख्य राजमार्गों पर कट और इन पर गलत साइड से वाहन ले जाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी डीजीपी ने दिए।