प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के कारण एक कांग्रेसी मुख्यमंत्री अपने ही लोगों के बीच शक से घिर गए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। जिससे उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल मची हुई है।
सभी राजनीतिज्ञ इसे हरीश रावत की राजनीति मान रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर हरीश रावत ने कहा है कि वह राज्य के विकास के लिए ऐसा कर रहे हैं।
पत्र को राजनीति से जोड़े जाने पर आश्चर्य
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे उनके पत्र को राजनीति से जोड़े जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसे अन्याय बताया है।
एक बयान में उनका कहना है कि उत्तराखंड की सामरिक स्थिति को देखते हुए यहां की परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व की हैं।
राज्य की सामरिक व पर्यावरण संबंधी संवेदनशीलता के दृष्टिगत ही विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में लिये जाने के लिए उन्होंने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है।
उत्तराखंड की परियोजनाओं के लिए मोदी को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सांसद व केन्द्रीय मंत्री रहते हुए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग, टनकपुर-बागेश्वर, ऋषिकेश-डोईवाला डायरेक्ट लेन, रेल परियोजनाओं को यूपीए सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय योजना के रूप में शामिल कराया था।
जिसके लिए स्वीकृत धन विभागों से न आकर भारत के राजकोष से आना है।
इसी प्रकार टनकपुर जौलजीवी तथा अन्य सड़कों को भी राष्ट्रीय परियोजना के रूप में केन्द्र की तत्कालीन सरकार द्वारा राष्ट्रीय परियोजना के रूप में स्वीकार किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को है उत्तराखंड से लगाव
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड राज्य के प्रति भावनात्मक लगाव से उत्साहित होकर ही उन्होंने प्रधानमंत्री को सहयोग के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि राज्य के पर्वतीय व सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने व राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से राज्य की महत्वपूर्ण सामरिक को देखते हुए केंद्र सरकार से हरसम्भव सहयोग मिलेगा।