मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, चारधाम यात्रा के लिए सितंबर के प्रथम सप्ताह से कपाट बंद होने तक ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण भी किए जाएंगे। उन्होंने चारधाम यात्रा में बैरीकेडिंग और चेकिंग की व्यवस्था न्यूनतम करने का भी आश्वासन दिया।
सीएम ने कहा, मदुरई से चलने वाली कार्तिकेय एक्सप्रेस की तर्ज पर गंगोत्री, यमुनोत्री हनौल में महासू देवता का एक सर्किट बनाते हुए गंगा-यमुना एक्सप्रेस के नाम से एक स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। उन्होंने यमुनोत्री धाम में मास्टर प्लान के तहत खरसाली से रोपवे के कार्य में तेजी लाने का भी भरोसा दिया।
कहा, पालीगाढ़ से जानकीचट्टी तक चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़कों के चौड़ीकरण के लिए मॉनिटरिंग कमेटी से क्लीयरेंस हो गई है। जल्द ही इसका काम भी पूरा हो जाएगा। शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने चारधामों से आए तीर्थ पुराहितों, पदाधिकारियों, होटल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर, ट्रांसपोर्ट्स और व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा और स्थानीय लोगों की आजीविका के संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। कहा, वर्तमान में गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिए बन रहे मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। यमुनोत्री में जल्द हेली सेवा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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कहा, प्रस्तावित यात्रा प्राधिकरण में चारधाम यात्रा के सुगम संचालन के लिए जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे सभी हितधारकों से विचार-विमर्श एवं आम सहमति के आधार पर ही लिए जाएंगे। इस दौरान हितधारकों ने अपने सुझाव दिए। सीएम ने गढ़वाल कमिश्नर को हर 15 दिन में चारधाम यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों संग बैठक के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए, उन्हें ध्यान में रखते हुए कार्य किए जाएंगे। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है।
इस मौके पर शासन के अधिकारियों के अलावा यमुनोत्री सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, गंगोत्री महासभा के अध्यक्ष हरीश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवार, केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, केके कोठियाल व बृजमोहन सती भी मौजूद थे।