सीएस ने एजेंसियों को डंपिंग के संबंध में पांच वर्षाें की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चिह्नित भूमि के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बैठक में कार्यदायी संस्थाओं ने राज्य में अगले पांच वर्षों की जरूरतों के दृष्टिगत 81.99 हेक्टेयर भूमि की मांग रखी, जिसमें वर्तमान में 55.69 और अगले पांच वर्षाें में 26.30 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
डंपिंग स्थल को ग्रीन पैच के तौर पर विकसित करें
मुख्य सचिव ने डीएम को डंपिंग स्थलों पर मलबे के जमा के होने के बाद उसके उपयोग को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे डंपिंग स्थलों पर ग्रीन पैच विकसित करते हुए बांस के पौधे रोपने के निर्देश दिए। सीएस के निर्देशों के अनुसार ऐसे स्थलों पर तेजी से विकसित होने वाले वृक्षों का रोपण किया जाएगा, जो भविष्य में क्रश बैरियर के रूप में उपयोगी होंगे। बैठक में लोनिवि सचिव पंकज कुमार पांडेय के अलावा लोनिवि, बीआरओ, एनएचआईडीसीएल व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी के अलावा डीएम रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, टिहरी मौजूद रहे।