उत्तराखंड कांग्रेस में कई लोगों को कुर्सियां और पद बांटे गए। सरकार ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी काजी मोहद्दीन और हरिद्वार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान किया।
साथ ही राज्य स्तरीय जलागम परिषद के गठन की घोषणा भी की गई। इसमें सभा सचिव गणेश गोदियाल को सह अध्यक्ष बनाया गया। सार्वजनिक मंच पर कम उपस्थिति वाले पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला को संस्कृति, संवर्द्धन और मेला वर्गीकरण की कुर्सी दी गई।
संगठन में लगातार तेज होती मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री को शायद यह कदम उठाना पड़ा हो पर अभी कई कांग्रेस मुखिया पर टकटकी लगाए बैठे हैं।
सोमवार को सरकार की ओर से दायित्व धारियों के रूप में सोमवार को बांटी कुर्सियां किए गए इस बंटवारे को कई कांग्रेसी खुद ही घाव को और छेड़ने वाला बता रहे हैं। इनकी माने तो करीब तीन दर्जन नेता अभी और हैं जो किसी न किसी रूप में दायित्व पाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
ऐसे में कुछ कुर्सियों के बंटने से अब इनके स्तर से मांग तेज हो जाने का अनुमान है। वहीं दायित्वों के बंटवारे में प्रदेश के मुखिया की हिचक भी खुल कर सामने आ रही है। दायित्वों को दिए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल ने दी। पंरपरागत रूप से खुद मुख्यमंत्री के स्तर से दायित्व दिए जाने का ऐलान किया जाता रहा है।
कांग्रेस सूत्रों का यह भी कहना है कि दायित्व देने का सिलसिला अभी जारी रहेगा। पर टुकड़ों-टुकड़ों में दायित्व दिए जाने से असंतोष अंदरखाने और पनप रहा है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के समय से ही कांग्रेस पर दायित्वों को रेवड़ियों की तरह बांटे जाने का आरोप लगता रहा है।
मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद रावत ने इस पर ब्रेक लगाने की बात भी की थी। सूत्रों की माने तो यह टीम रावत भी है जो धीरे-धीरे तैयार हो रही है। हालांकि मुख्यमंत्री का कहना है कि काम के हिसाब से ही दायित्व दिए जाएंगे।
- काजी मोहद्दीन, पूर्व मंत्री और कांग्रेस हरिद्वार जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा।
- काजी को सीनियर सिटीजन वे लफेयर बोर्ड और राजेंद्र चौधरी को पिछड़ा वर्ग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है।
- जोत सिंह गुनसोला-संस्कृति, संवर्द्धन और मेला वर्गीकरण अध्यक्ष
- करन मेहरा, पूर्व विधायक जसवंत सिंह कटौच सदस्य,
- संस्कृति निदेशक डॉ. मदन भट्ट समन्वयक
जलागम परिषद का गठन
राज्य स्तरीय जलागम परिषद का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री इसकेअध्यक्ष होंगे। गणेश गोदियाल को सह अध्यक्ष, दिनेश कुंजवाल और प्रवीण भंडारी उपाध्यक्ष, विधायक ललित फर्सवाण, मयूख महर, जिला पंचायत अध्यक्ष बागेश्वर हरीश, किशोर नयाल, हेम पंत, शांति भट्ट ज्योति रौतेला को सदस्य नामित किया गया।
मुख्य सचिव के अलावा प्रमुख सचिव आयुक्त वन्य ग्रामीण विकास सदस्य सचिव। प्रमुख सचिव जलागम, वित्त, वन, पर्यावरण, पशुपालन विभाग ,कृषि, लघु, सिंचाई, उद्यान, मुख्य परियोजना निदेशक जलागम, मुख्य परियोजना निदेशक, जायका को सदस्य बनाया गया है।
विशाल जीएमवीएन के निदेशक बनाए गए
विशाल डोभाल को गढ़वाल मंडल विकास निगम का निदेशक और उपाध्यक्ष। विरेंद्र सिंह, यामीन अंसारी, विजयपाल रावत, केशरचंद रमोला, शिव दयाल खनका, सत्यपाल पुंडीर, उमा चरण को सदस्य निदेशक बनाया गया है।
सुरेश बिष्ट, मनोज रौथान, सतबीर सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य। गोपाल दत्त भट्ट को कु मांऊ मंडल विकास निगम में निदेशक और उपाध्यक्ष। देवकी नंदन बडौला, राजेंद्र सिंह, राम नगीना, चंचल सिंह चौहान , गिरधर , मोहन सिंह , विजय सिंह को सदस्य निदेशक नामित किया गया है।