अलग-अलग दुर्घटनाओं में अपने महत्वपूर्ण अंग गंवाने वाले विकलांग जन गौरीकुंड से केदारनाथ तक की पैदल यात्रा करेंगे। इस दल में दो लोग केदारनाथ आपदा के पीड़ित भी हैं। बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस से मुख्यमंत्री हरीश रावत विकलांगों के इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
नौटियाल कृत्रिम अंग केंद्र के डॉ. बीके नौटियाल ने शास्त्रीनगर स्थित होटल में पत्रकार वार्ता में कहा कि इससे दो तरह के संदेश देना चाहते हैं। पहला सुरक्षित चारधाम यात्रा और दूसरा विकलांगों में हीनभावना को दूर करना।
कृत्रिम अंगों से पूरा करेंगे सफर
डॉ. नौटियाल ने कहा कि अभी तक केंद्र कई लोगों के जीवन में आई विकलांगता को दूर कर चुका है। उन्होंने कहा कि विकलांग जन केंद्र के तत्वावधान में इसी भावना और उद्देश्य के अंतर्गत गौरीकुंड से केदारनाथ तक 21 किलोमीटर की साहसिक अभियान यात्रा निकालना चाहते हैं।
बताया कि इस टीम में चौबीस से अधिक विकलांग लोग शामिल होंगे, जिसमें से 15 लोग अपाहिज हैं। केंद्र की ओर से उन्हें कृत्रिम अंग प्रदान किए गए हैं।