उधर, मीडिया में हरक के इस्तीफे की खबर ने भाजपा में हड़कंप मचा दिया। दिल्ली से लेकर दून तक फोन घनघनाने लगे। मीडिया से इस्तीफे की पुष्टि करने का प्रयास होता रहा। संपर्क करने पर पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने कहा कि हरक सिंह ने कोई इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने पार्टी विधायक उमेश शर्मा के इस्तीफे की खबर को सिरे से खारिज किया।
निशंक ने की उमेश से बात
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी हरकत में आ गए। उन्होंने भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ से बात की। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि पार्टी विधायक काऊ ने डॉ. निशंक को आश्वस्त किया कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। वह भाजपा के सच्चे सिपाही हैं।
शाह के भी एक्शन में आने की चर्चा
इस्तीफे की खबरें टीवी चैनलों की सुर्खी बनने के बाद खबर आई कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरक सिंह रावत से संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था। चर्चा है कि शाह ने पार्टी विधायक उमेश शर्मा काऊ के माध्यम से हरक सिंह रावत से बात की और उनकी हर समस्या के समाधान का भरोसा दिया।
इशारों को अगर समझो...
हरक के इस्तीफे के बाद उनके उन इशारों के मायने टटोले जा रहे हैं, जो इन्हें पिछले कुछ दिनों में दिए। इन इशारों को हरीश रावत और उनके रिश्तों के बीच जमी बर्फ के पिघलने के तौर पर देखा गया। एक टीवी चैनल में हरक सिंह रावत और हरीश रावत के मध्य मीठा संवाद हुआ। मीडिया कर्मियों से बातचीत में हरक सिंह ने स्टिंग ऑपरेशन की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसे हरक सिंह और हरीश रावत के मधुर होते संबंधों के तौर पर देखा गया।
इस्तीफे को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं उमेश और हरक
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और विधायक उमेश शर्मा काऊ पहले भी इस्तीफे की खबरों को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। अक्तूबर माह में जिस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में पुन: वापसी की थी, उस समय भी विधायक उमेश शर्मा काऊ के भी उनके साथ कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा थी। लेकिन ऐन वक्त पर उनकी ज्वानिंग टल गई। हरक सिंह रावत की भी कई बार नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा देने और कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं होती रही हैं। यही नहीं हरक समय-समय पर चुनाव न लड़ने की बात भी करते आए हैं।