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हरिद्वार धर्म संसद: मामले ने पकड़ा तूल, विवादित भाषण देने वालों पर कानूनी कार्रवाई का बढ़ा दबाव

Sat, 25 Dec 2021 01:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी व अन्य के विरुद्ध कोतवाली हरिद्वार में धारा 153ए आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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धर्म संसद - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरिद्वार में पिछले दिनों हुई तीन दिवसीय धर्म संसद मामले ने तूल पकड़ लिया है। धर्म संसद में विवादित भाषणों के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तूफान मचा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर सैन्य अफसरों ने ट्विटर पर इस तरह के भाषणों को सामाजिक समरसता, सद्भावना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया है।

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उत्तराखंड पुलिस भी हरकत में
मामले के तूल पकड़ लेने के बाद उत्तराखंड पुलिस भी हरकत में आई है। पुलिस की ओर से बताया गया कि सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी व अन्य के विरुद्ध कोतवाली हरिद्वार में धारा 153ए आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

हरिद्वार: धर्म संसद के विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल, वसीम रिजवी व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
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पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने भी मामले पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया, नफरत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस पूरे मामले पर अपर मुख्य सचिव (गृह) आनंद बर्द्धन ने कहा कि जो भी प्रकरण है, उसमें पुलिस अपना काम कर रही है। जो भी कानून सम्मत होगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

धर्म संसद में टिप्पणी: संत समाज असहमत, कहा- धर्म पर टिप्पणी व अभद्रता भाषा का प्रयोग उचित नहीं

क्यों मचा तूफान?
कुंभ नगरी हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर को धर्म संसद हुई। इसमें हिंदुत्व को लेकर साधु-संतों ने विवादित भाषण दिए। इन विवादित भाषणों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, एक विशेष समुदाय के व्यक्ति को प्रधानमंत्री न बनने देने, विशेष समुदाय की आबादी न बढ़ने देने का जिक्र है। सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का पुलिस ने संज्ञान लिया और वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी व अन्य के खिलाफ हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया।

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ट्वीटर पर प्रतिक्रिया

राहुल गांधी का ट्वीट : हिंदुत्ववादी हमेशा नफरत व हिंसा फैलाते हैं। हिंदू-मुसलमान-इसाई इसकी कीमत चुकाते हैं। लेकिन अब और नहीं।
एडमिरल अरुण प्रकाश(रि) का ट्वीट : इसे रोका क्यों नहीं जा रहा है? हमारे सैनिक दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना कर रहे हैं और हम सांप्रदायिक खून-खराबा, देश के भीतर उपद्रव और अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी झेलना चाहते हैं? क्या यह समझना इतना मुश्किल है कि राष्ट्रीय समरसता और एकता खतरे में पड़ेगी तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी आंच आएगी?
जनरल वेद मलिक का रि-ट्वीट : सहमत, इस तरह के भाषणों से सामाजिक सद्भावना बिगड़ेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होगा। प्रशासन इस पर कार्रवाई करे।

हरिद्वार जिले में धर्म संसद के नाम पर जो कुछ हुआ चुनाव से पहले एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए यह सब हुआ है। हार के डर से इस तरह के हथकंडों का सहारा लिया जा रहा है। राजनीति का धर्म होना चाहिए, धर्म की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
-विजय कुमार बौड़ाई, केंद्रीय प्रवक्ता, उत्तराखंड क्रांति दल

नफरत फैलाने वालों के खिलाफ दर्ज हो मुकदमा : मैखुरी
भाकपा माले के गढ़वाल प्रभारी इंद्रेश मैखुरी ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को पत्र लिखकर धर्म संसद के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि इस प्रकरण में अब तक मात्र एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा हुआ है। 

धर्म संसद हुई मुझे नहीं पता : कौशिक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार में धर्म संसद हुई, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्हें भी सोशल मीडिया और मीडिया के लोगों से यह जानकारी मिली।

देश में हम सर्व धर्म समभाव की जो हम बात करते हैं, उसका अनुसरण किया जाना चाहिए। किसी धर्म विशेष के विरोध में बात करके वातावरण खराब नहीं किया जाना चाहिए।  -प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष

मैंने वीडियो नहीं देखा है, लेकिन जिस तरह की चर्चा सुनी है, वह बेहद गंभीर और निंदनीय है। इस मामले में जांच के बाद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।- चौधरी शीशपाल, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा

यह बेहद गंभीर है। चुनाव आते ही ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू हो गई है। ये सब भाजपा और आरएसएस की कारगुजारी है। इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। -डॉ. एसपी सचान, प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

भाजपा और आरएसएस पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। भाजपा सभी धर्मों का आदर करती है। सभी को धर्म का प्रचार करने का अधिकार प्राप्त है। इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं। - सुरेश जोशी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
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