कोविड-19 के चलते सरकार इतनी तादात में कांवड़ियों को राज्य में आने की अनुमति देने की स्थिति में नहीं है। धार्मिक आस्था के चलते यात्रा को रद्द भी नहीं किया जा सकता। ऐेसे में सरकार इसका समाधान तलाश रही है।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इसका समाधान तलाशने के लिए पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश से वार्ता करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जल्द दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर आम राय बनाएंगे कि यात्रा को किस तरह से संचालित किया जाए।
वहीं, सरकार के सामने एक विकल्प यह आया है कि टैंकरों के माध्यम से राज्यों में गंगा जल पहुंचाया जाए। स्थान तय कर दिए जाएं, जहां आकर लोग टैंकर से गंगा जल भरें और निकटवर्ती शिव मंदिर में जलाभिषेक कर सकें। यह व्यवस्था बनाना आसान नहीं हैं। मंत्रिमंडल में दूसरा विकल्प यह भी सुझाया गया कि कांवड़ के लिए हर राज्य में बनने वाली समितियों से संपर्क कर उन्हें गंगा जल मुहैया करवाया जाएगा। छोटे छोटे बर्तनों को वहां से लेकर यहां गंगा नदी में भर लिया जाए।