बांड भरने वालों के लिए भी नियम काफी सख्त हैं। मेडिकल कॉलेजों में जूनियर और सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की कमी को देखते हुए बांड से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को पहले एक साल मेडिकल कॉलेजों में सेवा देनी होती है। उसके बाद दो साल तक दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर सेवा देनी हाेती है। इसके बाद दो वर्ष तक जिला चिकित्सालयों या दुर्गम के चिकित्सालयों में सेवा की अनिवार्यता होती है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बढ़ाए संकाय सदस्यों के पद
सोहन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा में मानकों के अनुसार संकाय सदस्यों के 157 पदों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। सरकार का इसी शैक्षिक सत्र से एमबीबीएस कोर्स शुरू का प्रयास है। इसके लिए मेडिकल कालेज में केंद्र के मानकों के अनुरूप संकाय सदस्यों के पद सृजित किए जा रहे हैं। जिससे मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से 100 सीटों पर एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल सके।
राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा को शुरू करने के लिए सरकार लंबे समय से प्रयासरत है लेकिन संकाय सदस्यों की कमी से कारण एमबीबीएस कोर्स संचालित करने की मंजूरी नहीं मिली थी। अब सरकार ने केंद्र के मानकों के अनुरूप संकाय सदस्यों के 157 अतिरिक्त पद सृजित करने की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।