यूपी के एक खिलाड़ी ने शासनादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने चार प्रतिशत खेल कोटे पर वर्ष 2013 में रोक लगाने के साथ ही शासनादेश को रद्द कर दिया था। खेल कोटे को लेकर अब सरकार एक्ट बनाने जा रही है। सरकार की ओर से वर्तमान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को जहां विभिन्न छह सरकारी विभागों में सीधे नौकरी दिए जाने की व्यवस्था की गई है। वहीं चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का एक्ट बनने के बाद राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सभी विभागों में नौकरी के लिए इसका लाभ मिल सकेगा।
कुशल खिलाड़ियों के लिए क्षैतिज आरक्षण विधेयक-2024 के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली है, जल्द ही इसे विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। खेल नीति बनने के बाद खासकर दो अहम फैसले हुए हैं। पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सीधे नौकरी के फैसले के बाद अब चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का फैसला सरकार का ऐतिहासिक कदम है।
- रेखा आर्या, खेल मंत्री