उत्तराखंड के परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र राकेश का शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे गुड़गांव, हरियाणा स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे तथा नवंबर 2014 से अस्पताल में भर्ती थे।
रविवार को अंतिम संस्कार
देर शाम उनका पार्थिव शरीर भगवानपुर स्थित पैतृक निवास पर लाया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत, शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, श्रम प्रवर्तन मंत्री हरीश चंद दुर्गापाल ने दिवंगत को श्रृद्धांजलि अर्पित की।
बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को गांव स्थित शमशान घाट पर किया जाएगा।
कैंसर से थे पीड़ित
भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं परिवहन और समाज कल्याण मंत्री वर्ष 2013 से कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें कई बार उपचार के लिए सिंगापुर ले जाया गया। बीच-बीच में उनकी तबियत में सुधार भी होता रहा लेकिन कुछ समय से उनकी हालत स्थिर बनी थी। कुछ समय से वह गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।
शुक्रवार देर रात उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गई। सूचना मिलने पर परिवार और नजदीकी लोग गुड़गांव पहुंचने लगे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक छा गया। प्रदेश सरकार की ओर से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
शाम करीब पौने छह बजे एंबुलेंस से सुरेंद्र राकेश का पार्थिव शरीर लेकर उनके भाई सुभाष राकेश, सुबोध राकेश पत्नी ममता, बेटा अभिषेक तथा अन्य परिजन भगवानपुर पहुंचे। शव को पहले घर के पास ही स्थित रविदास मंदिर में लोगों के दर्शनार्थ रखा गया।
सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सुरेंद्र राकेश के रुप में विकास को समर्पित एक जुझारू नेता खो दिया है। उनकी कमी हमेशा खलेगी।
बसपा विधायक दल के नेता हरिदास, विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक यशवीर सिंह, डीसीबी चेयरमैन सुशील चौधरी, हरपाल साथी, पूर्व राज्यमंत्री मनोहर लाल शर्मा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने दिवंगत को श्रद्धांजलि दी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10 बजे गांव के शमशान घाट पर किया जाएगा।