फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कमेटी करेगी ठुकराल प्रकरण की जांच

Tue, 11 Feb 2014 07:03 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर से भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के प्रकरण में स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने सरकार को एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराकर एक महीने में रिपोर्ट सदन में रखने को कहा है।
विज्ञापन


पढ़ें, देर रात सीएम ने मारा छापा, उड़ गए होश

स्पीकर ने कहा कि उन तमाम पहलुओ का गौर से अध्ययन किया जाए जो कि विपक्ष ने ठुकराल के पक्ष में सदन में रखे हैं। लेकिन विधानसभा के इस फैसले से न्यायपालिका का काम प्रभावित नहीं होगा।

शून्यकाल में हुई चर्चा
मंगलवार को शून्यकाल में नियम-58 के तहत ठुकराल मामले में चर्चा शुरू हुई। हालांकि पहले तो स्पीकर इस मामले को नियम के तहत लेने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन विपक्ष के दबाव के बाद चर्चा कराई गई।
विज्ञापन


पढ़ें, अब 21 फरवरी से उत्तराखंड में लागू होगी आचार संहिता

नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सात महीने बाद किसी मामले की अदालत के आदेश पर दूसरी एफआईआर कराकर विवेचक द्वारा विवेचना बदलना साधारण बात नहीं है। जब हरिद्वार के एक विधायक के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के मामले में अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला वापस लिया जा सकता है तो ठुकराल का मामला वापस क्यों नहीं हो सकता।

संसदीय कार्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
मदन कौशिक ने भी यही तर्क दिया कि जब संसदीय कार्यमंत्री ने दो महीने पहले केस वापस लेने का आश्वासन दिया था और अब सीएम ने भी आश्वस्त किया था तो इस वक्तव्य का पालन क्यों नहीं हुआ।

पढ़ें, नए निजाम ने उत्तराखंड को दी करोड़ों की सौगात

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि सीबीसीआईडी जांच का आश्वासन दिया था लेकिन भाजपा के राजेश शुक्ला ने कहा कि उस समय तो सीबीसीआईडी जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल कर चुकी थी। हरबंश कपूर ने भी कहा कि संसदीय नियमों के तहत सरकार जो बात सदन में कहती है उसे पूरा करना चाहिए।

निशंक ने बताया पीठ का अपमान
भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सदस्यों के विशेषाधिकार हनन व पीठ के अपमान का मामला है। पहली एफआईआर के आधार पर लोग जेल काट चुके हैं तो दूसरी बार दर्ज मुकदमे में विधायक को अभियुक्त क्यों बनाया गया।
विज्ञापन


पढ़ें, सोनिया और हरीश रावत की 'जुगलबंदी' मोदी को देगी मात

निशंक ने कहा कि मैं किसी सदस्य का अपमान सहने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करुंगा। इसके बाद स्पीकर ने जांच के आदेश दिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें