2022 चुनाव को देखते हुए 23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष मुद्दों को धार देकर सरकार की घेराबंदी करने में जुटा है। वहीं, सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। बेरोजगार, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, चारधाम देवस्थानम बोर्ड, भ्रष्टाचार, भू-कानून, कोविड जांच फर्जीवाड़े के मुद्दे पर सदन में हंगामा होने की आसार हैं।
विपक्ष की ओर से दो प्राइवेट बिल विधानसभा को दिए गए हैं। इनमें देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम पर संशोधन विधेयक और उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक हैं। 2022 के चुनाव को देखते हुए विपक्ष सरकार की घेराबंदी करेगा।
सरकार चाहती है कि विधानसभा सत्र अच्छे ढंग से संचालित हो। आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हो। इसके लिए विपक्ष से भी सहयोग की अपेक्षा है। सदन में विपक्ष की ओर से जिन मुद्दों को उठाया जाएगा, सरकार उसका जवाब देगी। राज्य हित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक रूप से सरकार कार्य करेगी।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
ईमानदारी के साथ सदन को चलाया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष से भी सदन चलाने में सहयोग देने का आग्रह किया गया। विपक्ष का काम सदन में मुद्दे उठाने का है। जिस पर सरकार तथ्यों के साथ जवाब देगी। सदन को चलाने के लिए सामग्री होगी तो सत्र को बढ़ाया भी जा सकता है।
-बंशीधर भगत, संसदीय कार्यमंत्री
विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है। सदन में विपक्ष की ओर से बेरोजगारी, देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड, भ्रष्टाचार, गन्ना किसानों और कोविड जांच फर्जीवाड़े को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
-करन माहरा, उपनेता कांग्रेस विधानमंडल दल