पीठ से स्पीकर ने की कड़ी टिप्पणी
मामले में टिप्पणी देते हुए स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा, वह दूसरी बार सरकार को निर्देशित कर रहीं कि परंपराओं और नियमों को ताक पर नहीं रखा जा सकता है। विधायकों के प्रोटोकॉल को ताक पर नहीं रखा जा सकता है। शायद समय आ गया कि स्पीकर के माध्यम से मसूरी में स्थित एलबीएस एकेडमी को एक पत्र लिखना पड़ेगा, आप जो पढ़ाई कराते हैं, उसमें प्रोटोकॉल भी सिखाया जाए। कहा, दुख की बात है कि छह बार के विधायक के साथ इस तरह की बात हो रही है।
अफसर इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते हैं। यह बहुत दुखद है कि उत्तराखंड जैसे संस्कारों की धरती पर जहां देव बसते हैं, हम स्वयं क्या एक-दूसरे को सम्मान नहीं दे सकते हैं। फोन नहीं उठा सकते हैं। खड़े होकर किसी विधायक को सम्मान नहीं दे सकते हैं। यह उनका प्रोटोकॉल है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है कि मुझे सदन में यह बात कहनी पड़ रही है।