उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजे बेशक 10 मार्च को आएंगे, लेकिन मतदान के आंकड़ों को लेकर कई दिलचस्प तथ्य सामने आ रहे हैं। 2017 से इस चुनाव की तुलना करने पर कई तरह की समानताएं देखने को मिल रही हैं। सोशल डेवलेपमेट फॉर कम्युनिटीज फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने दो चुनाव के तुलनात्मक विश्लेषण से यह तथ्य जुटाए जो उन्होंने अमर उजाला से साझा किए। यह विश्लेषण बता रहा है कि 2017 की तुलना में इस बार के चुनाव में भी मतदान के रुझानों में कोई बड़ा फर्क देखने को नहीं मिला है। पेश है रिपोर्ट..
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दस प्रमुख समानताएं
-. फरवरी में चुनाव : 2017 में 15 फरवरी और 2022 में 14 फरवरी को हुआ चुनाव।
-. तकरीबन बराबर मतदान : 2017 में 65.56 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2022 में 65.37 प्रतिशत हुआ है।
-. दो अव्वल जिले : मतदान प्रतिशत में दो जिले यूएसनगर और हरिद्वार अव्वल रहे। 2017 में यूएसनगर पहले स्थान पर था। 2022 में हरिद्वार जिला पहले नंबर पर है।
-. तीन अव्वल सीटें हरिद्वार में : सबसे अधिक मतदान प्रतिशत वाली प्रदेश की तीन विधानसभा सीटें 2017 में हरिद्वार जिले की थीं। इस बार भी हरिद्वार जिले की ही हैं। फर्क इतना है कि पिछले चुनाव में लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण के साथ पिरान कलियर में अधिक मतदान हुआ था। इस बार हरिद्वार ग्रामीण पहले और लक्सर आखिरी नंबर पर है और पिरानकलियर की जगह भगवानपुर ने दूसरा स्थान बनाया है।
-. उत्तरकाशी फिर तीसरे स्थान पर : मतदान के मामले में 2022 के चुनाव में भी उत्तरकाशी तीसरे स्थान पर रहा। 2017 में नैनीताल चौथे और देहरादून पांचवे स्थान पर रहा। 2022 में भी तीनों जिलों के मतदान का यही क्रम है।
-. देहरादून शहर में : देहरादून शहर में पांच सीटों पर 2017 में 60 प्रतिशत से कम मतदान रहा था। 2022 में तीन सीटों पर 60 फीसदी से कम और एक मसूरी सीट पर 60.01 व रायपुर सीट पर 61.33 प्रतिशत वोट पड़े।
-. पहाड़ के तीन जिले फिर फिसड्डी : मतदान के मामले में पहाड़ के तीन जिले टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा फिर फिसड्डी रहे। इस बार भी उनका क्रम 11वां, 12वां, व 13वां रहा।
-.. सबसे कम मतदान वालीं तीन सीटें : प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में से सबसे कम मतदान वाली तीन विस सीटें भी नहीं बदलीं। 2017 में सल्ट, चौबट्टाखाल और लैंसडौन में सबसे कम मतदान हुआ था। 2022 में भी इतना बदला कि चौबट्टाखाल सबसे कम मतदान में पहले स्थान पर आ गया। बाकी तस्वीर वही पुरानी है।
-.. 50 फीसदी से कम की चार सीटें : 2017 में भी 50 फीसदी से कम मतदान वाली चार सीटें थीं। 2022 के चुनाव में भी ऐसी सीटों की संख्या चार ही रही।
-. 34 सीटों पर महिलाएं अधिक : 2017 की तरह 2022 के चुनाव में फिर 34 विधानसभा सीटों पर महिला मतदाताओं ने अधिक मतदान किया। पुरोला सीट पर पुरुष मतदान का प्रतिशत पहले भी ज्यादा था, इस बार अधिक रहा।